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यहां के बच्चों ने आज तक नहीं देखी रेलगाड़ी, स्कूल को ही बना दिया गया ट्रेन

Tue, 11 Sep 2018 12:26 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Updated Tue, 11 Sep 2018 12:26 PM IST
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government school painted as train in maoist affected odisha district malkangiri
School as train in Malkangiri

आज के समय में ऐसा कोई भी व्यक्ति खोजने से भी नहीं मिलेगा, जिसने अपनी जिंदगी में कभी ट्रेन न देखी हो। लेकिन उड़ीसा का मलकानगिरी संभवत: देश का पहला ऐसा जिला है, जहां कोई रेल नेटवर्क नहीं है और न ही यहां के बच्चों ने कभी ट्रेन देखी है। यह सुनने में थोड़ा अटपटा जरूर लगेगा, लेकिन यह बिल्कुल हकीकत है। 

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दरअसल, मलकानगिरी जिला ओडिशा के सबसे खतरनाक जिलों में से एक है, क्योंकि यहां माओवादी गतिविधियां बहुत ही ज्यादा हैं। यहां के लोग भी बेहद गरीब हैं और यही कारण है कि वो अपने बच्चों को कभी शहर ही नहीं ले जा पाते हैं, जिसके कारण यहां के बच्चों ने कभी ट्रेन ही नहीं देखी है।
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इसी को ध्यान में रखते हुए जिले के चित्रकोंडा ब्लॉक के नोडल अपर प्राइमरी स्कूल ने 'बिल्डिंग ऐज लर्निंग एड' नाम की योजना के तहत फंड से स्कूल की इमारत को ही ट्रेन की तरह रंगवा दिया है। स्कूल की दीवारों को नीले रंग से रंगा गया है और क्लास के दरवाजों को इस तरह से बनाया गया है कि वो ट्रेन के दरवाजों की तरह दिखें। मतलब कि पूरा का पूरा स्कूल ही एक ट्रेन की तरह दिखता है।  
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इस स्कूल का नाम 'माल्याबंत एक्सप्रेस' रखा गया है। स्कूल के हेडमास्टर प्रकाश चंद्र नायक का कहना है कि स्कूल को ट्रेन की शक्ल में देखकर बच्चे बेहद खुश हैं, लेकिन वो चाहते हैं कि असली ट्रेन में बैठें और सफर करें। 

आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र ने बताया कि 'हमने कभी असली में ट्रेन नहीं देखा है। लेकिन अब मैं जान गया हूं कि ट्रेन कैसा दिखता होगा। यह बहुत खूबसूरत है।' वहीं, एक अन्य छात्रा लछमी ने बताया कि मैंनें सिर्फ हिंदी फिल्मों में ट्रेन को देखा है, लेकिन अब लगता है कि हमारे कैंपस में एक असली ट्रेन आ गई है। 


एक अन्य छात्र का कहना है कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के 70 साल के बाद भी हमारे जिले में रेल नेटवर्क नहीं है। छात्र ने कहा कि हम असली ट्रेन में बैठना चाहते हैं।

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