आईएनएक्स मीडिया मामला: नीति आयोग की पहली सीईओ रहीं सिंधुश्री खुल्लर पर चलेगा केस
- सरकार ने सिंधुश्री खुल्लर समेत चार पर केस चलाए जाने को दी मंजूरी
- चिदंबरम और सिंधुश्री खुल्लर को आमने-सामने बैठा कर हो चुकी है पूछताछ
- आईएनएक्स भ्रष्टाचार मामले में मुख्य आरोपी हैं पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम
- सीबीआई ने 21 अगस्त की रात चिदंबरम को उनके घर से गिरफ्तार किया था
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आईएनएक्स मीडिया भ्रष्टाचार मामले में नीति आयोग की पहली सीईओ रहीं सिंधुश्री खुल्लर पर केस चलेगा। सरकार ने इसकी मंजूरी दे दी है। इस मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम भी प्रमुख आरोपी हैं, जो अभी तिहाड़ जेल में बंद हैं। हिरासत के दौरान अगस्त में ही खुल्लर और चिदंबरम की आमने-सामने बैठाकर पूछताछ भी की जा चुकी है।
खुल्लर के अलावा अनूप पुजारी, प्रबोध सक्सेना और रबिंद्र प्रसाद के खिलाफ भी केस चलाने की मंजूरी दी गई है। खुल्लर साल 2015 में नीति आयोग की पहली सीईओ नियुक्त की गई थीं।
सीबीआई ने आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तार पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम का नीति आयोग की पूर्व सीईओ सिंधुश्री खुल्लर से आमना-सामना कराया था। उस वक्त सिंधुश्री सीबीआई मुख्यालय पहुंची थीं, लेकिन उनसे पूछताछ पूरी नहीं हो सकी क्योंकि चिदंबरम को विशेष अदालत में पेश किया जाना था।
आईएनएक्स मीडिया घटनाक्रम के दौरान वित्त मंत्रालय में सचिव थीं
केंद्रशासित प्रदेश(यूटी) कैडर की 1975 बैच की आईएएस अधिकारी खुल्लर उस समय वित्त मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव थीं जब आईएनएक्स मीडिया से संबंधित घटनाक्रम कथित तौर पर हुए थे।
रिकार्ड के अनुसार वह 11 अप्रैल 2007 से 11 सितंबर 2008 के बीच आर्थिक मामलों के विभाग में अतिरिक्त सचिव थीं। उन्हें विभाग में विशेष सचिव के रूप में प्रोन्नत किया गया और वह उस पद पर 12 सितंबर 2008 से दो नवंबर 2008 तक रहीं।
जमानत याचिका में चिदंबरम ने दी थी सफाई
सीबीआई का आरोप है कि विदेशी निवेश के लिए आईएनएक्स मीडिया को विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (एफआईपीबी) की मंजूरी देने में अनियमितताएं हुई थीं। पी. चिदंबरम ने जमानत याचिका में कहा गया था कि एफआईपीबी की अध्यक्षता में आर्थिक कार्य सचिव करते हैं।
उन्होंने कहा था कि इसमें चार अन्य सचिव (उद्योग, वाणिज्य, विदेश और ओवरसीज इंडियन अफयर्स) और संबद्ध प्रशासनिक मंत्रालय के सचिव शामिल होते हैं। इसके बाद सीबीआई ने खुल्लर से पूछताछ की थी।