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Indian Army में महिलाओं की भर्ती में भेदभाव के आरोपों पर केंद्र ने जताई आपत्ति
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Sun, 11 Feb 2018 03:05 AM IST
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हाईकोर्ट में केंद्र ने उन दो याचिकाओं को विरोध किया है, जिनमें आर्मी की इंजीनियरिंग और एजूकेशन कोर में महिला कर्मियों की भर्ती प्रक्रिया के संबंध में संस्थागत रूप से भेदभाव करने का आरोप लगाया गया है। केंद्र ने इन याचिकाओं को खारिज करने की मांग की है।
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हाईकोर्ट में दायर हुई थीं याचिकाएं, सरकार ने की खारिज करने की मांग
हाईकोर्ट की मुख्य कार्यकारी न्यायमूर्ति गीता मित्तल के समक्ष आर्मी पक्ष ने दलील दी कि जिन पदों पर महिलाओं की भर्ती को लेकर भेदभाव का आरोप लगाया गया है, उन पदों पर महिलाओं की स्थायी तौर पर भर्ती नहीं की जाती।
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1992 में इन पदों पर महिलाओं की स्पेशल एंट्री के जरिये भर्ती अस्थायी तौर पर की जानी शुरू हुई थी, लेकिन कोई स्थायी आयोग या प्रावधान नहीं है। पीठ के समक्ष लिंग के आधार पर भेदभाव कर समानता के सिद्धांत को नकारने का भी आरोप लगाया गया है।
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याचिका में मांग की गई है कि आर्मी अधिकारी बताएं कि इंजीनियरिंग और एजूकेशन कोर में किन आधारों पर अविवाहित पुरुषों की भर्ती की जाती है और महिलाएं उन पदों के लिए क्यों अयोग्य हैं।