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सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के जजों के वेतन में 200 फीसदी की बढ़ोतरी, सरकार ने जारी की अधिसूचना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 31 Jan 2018 11:15 AM IST
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सुप्रीम कोर्ट और 24 हाईकोर्ट के जजों के वेतन में करीब 200 फीसदी का इजाफा किया गया है। केंद्र सरकार ने नए कानून की अधिसूचना जारी कर दी है। बढ़ा वेतन एक जनवरी 2016 से प्रभावी होगा। 27 जनवरी को जारी अधिसूचना के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का वेतन एक लाख रुपये से बढ़कर 2.80 लाख रुपये प्रति महीने हो जाएगा।
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इस वेतन के अतिरिक्त उन्हें सरकारी आवास, कार और कर्मचारियों आदि के भत्ते भी मिलेंगे। जबकि सुप्रीम कोर्ट केअन्य जजों का वेतन 90 हजार रुपये से बढ़कर 2.50 लाख रुपये प्रति महीने हो गया। वहीं हाईकोर्ट केजजों का वेतन 80 हजार रुपये से बढ़कर 2.25 लाख रुपये प्रति महीने हो गया है। जजों का वेतन सातवें वेतन आयोग द्वारा अखिल भारतीय सेवाओं के वेतन को लेकर की गई सिफारिशों की तर्ज पर किया गया है। इसका लाभ न केवल कार्यरत जजों को बल्कि सेवानिवृत्त जजों को भी मिलेगा।
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हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट जज(वेतन एवं सेवा शर्ते) संशोधन अधिनियम, 2018 के तहत आवास भत्ते की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है। हालांकि ये दरें एक जुलाई, 2017 से प्रभावी होंगी। वर्ष 2016 में तत्कालीन भारत केप्रधान न्यायाधीश टीएस ठाकुर ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट केजजों के वेतन बढ़ाने को लेकर सरकार को पत्र लिखा था। इसके बाद तीन जजों की एक कमेटी ने भी जजों के वेतन में बढ़ोतरी को लेकर सिफारिशें सरकार को भेजी थी। कमेटी की अधिकतर सिफारिशों को सरकार ने स्वीकार कर लिया था। कमेटी ने हालांकि सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस केलिए तीन लाख रुपये वेतन की सिफारिश की थी।
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कितना वेतन (प्रति माह)
राष्ट्रपति: 1.5 लाख रुपये
उपराष्ट्रपति : 1.25 लाख रुपये
राज्यपाल: 1.10 लाख रुपये
केबिनेट सचिव-2.5 लाख रुपये
प्रस्ताव (वेतन प्रति माह)
राष्ट्रपति- 5 लाख रुपये
उपराष्ट्रपति-3.5 लाख रुपये
राजयपाल -3 लाख रुपये
वर्ष 2008 से पहले
राष्ट्रपति का वेतन-50 हजार रुपये
उपराष्ट्रपति- 40 हजार रुपये
राज्यपाल- 36 हजार रुपये