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कोरोना वैक्सीनेशन: बूस्टर डोज लेने का अंतराल घटा सकती है सरकार, विदेश यात्रा करने वाले लोगों को होगा फायदा
Wed, 04 May 2022 02:56 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 04 May 2022 02:56 PM IST
सार
अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार, नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन उस डाटा पर चर्चा कर सकती है, जिसमें बताया गया है कि आखिर गैप कम करने से क्या फायदे होंगे...
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कोरोना टीकाकरण
- फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
देश में चौथी लहर की आशंका के बीच कोरोना वैक्सीन की तीसरी यानी बूस्टर डोज लेने का गैप कम किया जा सकता है। बुधवार को इस पर सरकार की साइंटिफिक एडवाइजरी कमेटी की बैठक हो सकती है। अभी फिलहाल बूस्टर डोज़ सिर्फ उन्हें दिए जा रहे हैं, जिन्होंने वैक्सीन की दूसरी डोज नौ महीने पहले ली थी। लेकिन अब कहा जा रहा है कि इस गैप को घटाकर छह महीने किए जाने पर विचार किया जा सकता है।
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अमर उजाला को मिली जानकारी के अनुसार, नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन उस डाटा पर चर्चा कर सकती है, जिसमें बताया गया है कि आखिर गैप कम करने से क्या फायदे होंगे। एनटीएजीआई के सदस्य इस डाटा से ये जानने की कोशिश करेंगे कि दूसरी डोज़ लेने के बाद कब तक लोगों में कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ने के लिए इम्यूनिटी बनी रहती है।
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मंत्रालय के एक सूत्र ने चर्चा में बताया कि इस वक्त अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले लोगों से कई देश बूस्टर डोज के सर्टिफिकेट मांग रहे हैं। परेशान लोग इसे लेकर लगातार स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ साथ संबंधित मंत्रालयों से भी संपर्क कर रहे हैं। भारत में नौ महीने का गैप होने के चलते लोग बूस्टर डोज नहीं ले पा रहे हैं। कई देशों ने तीसरी डोज को लेकर गैप कम कर रखा है। ऐसे में सरकार जल्द ही इस मुद्दे पर कोई निर्णय ले सकती है।
पिछले दिनों ही मीडिया से चर्चा में नेशनल टास्क फोर्स ऑन कोरोनावायरस और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉक्टर राजीव जयादेवन ने कहा था कि वैक्सीन के दूसरे डोज और बूस्टर डोज के बीच लंबे गैप से संक्रमण और बीमारी की गंभीरता से लड़ने में कमी आती है। उन्होंने अपनी स्टडी का हवाला देते हुए कहा था कि अगर कोई व्यक्ति कोरोना वैक्सीन की सेकंड डोज लेने के छह महीने बाद बूस्टर डोज लेता है तो वायरस के संक्रमण और उसकी गंभीरता से जुड़े मामलों में कमी आ जाती है। भारत में बूस्टर डोज़ को प्रिकॉशनरी डोज का नाम दिया गया है। देश में इस वक्त कोवैक्सीन और कोविशील्ड की तीसरी डोज़ लगाई जा रही है। कहा जा रहा है कि इन दोनों वैक्सीन से वायरस से लड़ने की क्षमता करीब आठ महीने तक रहती है।
भारत में बूस्टर डोज पहले सिर्फ हेल्थ और फ्रंटलाइन स्टाफ को लगाई गई थी। इसके अलावा बुजुर्गों को भी इस लिस्ट में जोड़ा गया था। बाद में 10 अप्रैल को सरकार ने सभी के लिए बूस्टर डोज का एलान किया। सरकार की तरफ से कहा गया कि अगर आप 18 साल से ज्यादा उम्र के हैं, और आपने वैक्सीन की दूसरी डोज नौ महीने पहले या फिर 39 हफ्ते पहले लगवाई है तो आप तीसरी खुराक ले सकते हैं।