{"_id":"599429b04f1c1b18138b47a7","slug":"government-issued-a-notice-to-chinese-phonemakers-companies","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्मार्टफोन का डेटा चोरी कर रहा चीन, सरकार के कान खड़े, जारी किया नोटिस ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
स्मार्टफोन का डेटा चोरी कर रहा चीन, सरकार के कान खड़े, जारी किया नोटिस
amarujala.com- Presented by: अभिषेक तिवारी
Updated Wed, 16 Aug 2017 08:40 PM IST
विज्ञापन
smartphone user
- फोटो : news forever
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेड इन चाइना मोबाइल फोन को लेकर केंद्र सरकार के कान खड़े हो गए हैं। सरकार को आशंका है कि कुछ चीनी ब्रांड के मोबाइल फोन्स में हैकिंग का खतरा बढ़ गया है। इसी के मद्देनजर सरकार ने स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों वीवो, ओप्पो, शाओमी और जियोनी को नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
इसी के साथ एप्पल और सैमसंग को भी सरकार की ओर से नोटिस भेजा गया है। खास बात यह है कि माइक्रोमैक्स समेत 21 भारतीय मोबाइल कंपनियों को भी सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से इस प्रकार के नोटिस दिए गए हैं।
विज्ञापन
इन सभी से 28 अगस्त तक मोबाइल कंप्लाइंस और सिक्योरिटी को लेकर जवाब मांगा गया है। सरकार को आशंका है कि चीनी स्मार्टफोन कंपनीज मोबाइल के जरिए उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारी जैसे कॉन्टेक्ट लिस्ट और मैसेज चोरी कर सकती हैं।
विज्ञापन
अधिकारी ने मोबाइल फोन से डाटा लीक को लेकर आई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों का हवाला देते हुए कहा कि पहले चरण में डिवाइस और प्रीलोड सॉफ्टवेयर तथा एप की जांच की जाएगी। कंपनियों से मिलने वाले जवाब के आधार पर मंत्रालय जहां कहीं जरूरत पड़ेगी, डिवाइस का सत्यापन और ऑडिट भी करेगा। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि स्मार्टफोन बनाने के लिए नियमानुसार प्रक्रियाएं नहीं अपनाई जाती हैं तो आईटी कानून के 43 (ए) के तहत दंड भी लगाया जाएगा।
पढ़ें- साइबर ठगों के चंगुल में फंसा बुजुर्ग, पल भर में लगी 2 करोड़ की चपत
आईटी मंत्रालय ने 21 स्मार्टफोन निर्माताओं को पत्र लिखा है जिनमें सबसे ज्यादा चीनी डिवाइस निर्माता कंपनियां ही हैं। आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस संदर्भ में एहतियाती कदम उठाने के लिए 14 अगस्त को मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, कंपनियों के प्रतिनिधियों और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर चुके हैं।
अधिकारियों का कहना है कि हम नियमों के अनुपालन के लिए ऑडिट भी कर सकते हैं। और यदि वे कानूनों का उल्लंघन करते पाए गए तो उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।