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सरकार दे रही एक साल की नौकरी, लेकिन नहीं मिलेंगे एचआरए और डीए जैसे कई वित्तीय फायदे
Wed, 11 Nov 2020 06:57 PM IST
Harendra Chaudhary
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Wed, 11 Nov 2020 06:57 PM IST
सार
एमएसडीई ने कानूनी सलाहकार के पदों के लिए वैकेंसी निकाली है। आवेदन दो दिसंबर तक करना है। इसके लिए डिप्टी सेक्रेटरी रैंक एवं उसके समकक्ष पदों पर काम कर चुके रिटायर्ड अधिकारी आवेदन कर सकते हैं...
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- फोटो : Amar Ujala (File)
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विस्तार
केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण के दौरान अपना काम चलाने के लिए नौकरी देने के कई तरीके अपनाए हैं। कुछ विभाग तो ऐसे हैं जहां आवेदन करने के सात-आठ दिन बाद ही नौकरी मिल जाती है। लिखित परीक्षा या समूह चर्चा जैसा कोई झंझट भी नहीं है। केवल ईमेल पर आवेदन भेजना होगा। अनुबंध वाली नौकरी में आवेदक की आयु बेशक 70 साल हो, तो भी चलेगा। वेतन थोड़ा कम मिलेगा और साथ में एचआरए, डीए व सरकारी फोन और गाड़ी जैसी सुविधाओं से वंचित रहना होगा।
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एमएसडीई ने कानूनी सलाहकार के पदों के लिए वैकेंसी निकाली है। आवेदन दो दिसंबर तक करना है। इसके लिए डिप्टी सेक्रेटरी रैंक एवं उसके समकक्ष पदों पर काम कर चुके रिटायर्ड अधिकारी आवेदन कर सकते हैं। विधि कार्य विभाग से रिटायर हुए लोगों को प्राथमिकता मिलेगी। नौकरी एक साल के लिए होगी। काम पसंद आया तो कार्यकाल आगे बढ़ा दिया जाएगा।
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आवेदक के पास कोर्ट केस संभालने का अच्छा खासा अनुभव होना चाहिए। मंत्रालय के मौजूदा केस देखने के अलावा सभी नए केसों पर भी काम करना होगा। इसके अलावा आवेदक, सरकारी वकीलों के साथ मेल-जोल करने में पारंगत हो। आवेदक का चयन होता है तो उसे अपनी पेंशन से अलग मासिक भत्ते नहीं मिलेंगे। यदि कोई भत्ता मिलता है तो वह पेंशन की राशि से अधिक नहीं होना होगा।
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आवेदक को नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अपने संसाधन के जरिए कार्यालय आना पड़ेगा। घर पर फोन सुविधा नहीं मिलेगी। सीजीएचएस और मेडिकल बिल का भुगतान नहीं किया जाएगा। एक माह के नोटिस पर सेवाएं खत्म की जा सकती हैं। खास बात है कि नियुक्ति के बाद आवेदक को इंडिया ऑफिशियल सीक्रेट एकट 193 का पालन करना जरुरी है। उसे अपने काम के अलावा कार्यालय की दूसरी शाखा से जुड़ी कोई जानकारी नहीं लेनी है।