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पहली फरवरी को आम बजट पेश कर सकती है सरकार
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Wed, 21 Sep 2016 05:39 AM IST
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- फोटो : फाइल फोटो
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केंद्र सरकार इस साल एक फरवरी को आम बजट पेश कर सकती है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षा में होने वाली कैबिनेट की बैठक में फरवरी की अंतिम तारीख के बजाय एक फरवरी को बजट पेश करने के बारे में विचार किया जाएगा। ऐसा आम बजट से साथ रेल बजट के विलय के अलावा और गैर योजनागत व्यय के बीच अंतर को खत्म करने की योजना के मद्देनजर किया जाएगा। इसके लिए संसद का बजट सत्र निर्धारित समय से करीब एक माह पहले बुलाने पर भी विचार किया जाएगा।
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प्रस्तावों के मुताबिक पूरी बजट प्रक्रिया तीन से चार सप्ताह पहले शुरू होगी, जिससे कि एक अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष से पहले सभी विधायी कार्यों को पूरा किया जा सके। सूत्रों ने बताया कि सरकार की योजना 25 जनवरी से बजट सत्र बुलाने की है जिससे कि एक फरवरी को बजट पेश किए जाने से एक या दो दिन पहले आर्थिक सर्वे पेश किया जा सके।
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इस कारण जीडीपी का अग्रिम अनुमान सात फरवरी के बजाय सात जनवरी को लगाया जाएगा। इसके अलावा विभिन्न मंत्रालयों के खर्च के बारे में मध्यावधि समीक्षा 15 नवंबर तक पूरा करना होगा। सरकार की योजना विनियोग और वित्त विधेयकों के साथ बजट प्रस्तावों को 24 मार्च तक संसद की मंजूरी दिलाना है जिससे कि बजट प्रस्तावों को एक अप्रैल से लागू किया जा सके।
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वित्त मंत्रालय की ओर से रखे गए प्रस्ताव के मुताबिक इस दौरान 10 या 15 फरवरी से 10 या 15 मार्च तक तीन सप्ताह तक सत्रावकाश हो सकता है जिससे कि विभिन्न संसदीय समितियां मंत्रालयों या विभागों की जांच कर सके। एक बार जब रेल और आम बजट का विलय हो जाएगा और इसे पेश करने की तारीख पहले कर दी जाएगी तो अलग से विनियोग विधेयकों और लेखानुदान की जरूरत नहीं पड़ेगी।