फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Government extends ban imposed on LTTE for five years Union Home Ministry news in hindi

LTTE: केंद्र ने लिट्टे पर लगा प्रतिबंध फिर बढ़ाया, गृह मंत्रालय ने संगठन को देश की सुरक्षा के लिए बताया खतरा

Tue, 14 May 2024 03:38 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Tue, 14 May 2024 03:38 PM IST
सार

गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया कि लिट्टे समर्थक जनता के बीच अलगाववादी विचारधारा को बढ़ावा दे रहे हैं। ये विशेष रूप से तमिलनाडु में लिट्टे के लिए समर्थन को जुटा रहे हैं।

विज्ञापन
Government extends ban imposed on LTTE for five years Union Home Ministry news in hindi
गृह मंत्रालय - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्र सरकार ने मंगलवार को  लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) पर लगाए गए प्रतिबंध को पांच साल के लिए बढ़ा दिया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम 1967 की धारा 3 की उप धारा (1) और (3) को लागू करते हुए प्रतिबंध लगाया। मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि लिट्टे अभी भी उन गतिविधियों में शामिल है, जो देश की अखंडता और सुरक्षा के लिए खतरा हैं। 
विज्ञापन


बता दें कि मई 2009 में श्रीलंका में अपनी सैन्य हार के बाद भी, लिट्टे ने अपनी ईलम अवधारणा को नहीं छोड़ा। यह गुप्त रूप से धन जुटाकर ईलम के लिए काम कर रहा है। दरअसल, ईलम का अर्थ तमिलों के लिए एक स्वतंत्र देश है। लिट्टे के नेताओं और कैडरों ने फिर एक बार अपने कार्यकर्ताओं को एकत्रित कर स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठन को पुनर्जीवित करने के प्रयास शुरू किए हैं। 
विज्ञापन


मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया कि लिट्टे समर्थक जनता के बीच अलगाववादी विचारधारा को बढ़ावा दे रहे हैं। ये विशेष रूप से तमिलनाडु में लिट्टे के लिए समर्थन को जुटा रहे हैं। इससे भारत की क्षेत्रीय अखंडती पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


भारत ने 14 मई को 1992 में को लिट्टे पर प्रतिबंध लगाया था। उसके बाद से इस प्रतिबंध को बढ़ाया जा रहा है। इससे पहले यूरोपीय संघ, कनाडा और अमेरिका ने भी इस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था। बता दें कि साल 1987 में भारतीय शांति सेना उत्तरी श्रीलंका में शांति स्थापित करने के उद्देश्य से वहां गई लेकिन वहां लिट्टे के साथ युद्ध में उसके करीब 1,200 जवान मारे गए थे।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed