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पुणे: ढाई करोड़ रुपये के घोटाले में सरकारी बैंक के मैनेजर को मिली 10 साल की सजा
Fri, 21 Feb 2020 12:57 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Fri, 21 Feb 2020 12:57 AM IST
सार
पुणे में विशेष सीबीआई अदालत ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक पूर्व ब्रांच मैनेजर को 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 24 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। करीब ढाई करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़े इस मामले में एक अन्य व्यक्ति को भी तीन साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है।
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घोटाला
- फोटो : amar ujala
विस्तार
सीबीआई प्रवक्ता के मुताबिक, शालिवाहन सालगांवकर ने साल 2009 से 2017 के बीच बैंक ऑफ महाराष्ट्र की अलग-अलग शाखाओं में क्लर्क, डिप्टी मैनेजर और ब्रांच मैनेजर आदि विभिन्न पदों पर रहते हुए राकेश जाधव व अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर करीब 2,56,15,998 रुपये का घोटाला किया था। सालगांवकर पुणे में ही बैंक की पांच अलग-अलग शाखाओं में ब्रांच मैनेजर रहा था।
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सीबीआई ने इस मामले में 28 जून, 2018 को मुकदमा दर्ज किया था। उसने अलग-अलग बैंक के जनरल लेजर अकाउंट से जाधव के नाम पर शाहकार नगर ब्रांच में खोले गए बचत खाते में घोटाले की रकम ट्रांसफर की थी।
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इसके बाद यह रकम उसने अपने बचत खातों में ट्रांसफर कर ली थी। जांच के बाद सीबीआई ने पुणे की विशेष सीबीआई अदालत में पांच चार्जशीट दाखिल की थी। पेश किए गए सबूतों के आधार पर विशेष जज ने सालगांवकर को 10 साल सश्रम कैद और जाधव को 3 साल की कैद की सजा सुनाई।
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