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Organic Agricultural Products: अब सहकारी समितियों के जरिये जैविक कृषि उत्पादों का प्रचार करेगी सरकार
Tue, 17 Jan 2023 05:44 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 17 Jan 2023 05:44 AM IST
सार
11 जनवरी को केंद्रीय कैबिनेट ने पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में जैविक कृषि उत्पादों को बेचने के लिए राष्ट्रीय स्तर के कोऑपरेटिव समिति के गठन को मंजूरी दी है। इसमें अलग-अलग मंत्रालयों का सहयोग होगा।
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जैविक कृषि उत्पाद (सांकेतिक तस्वीर)।
- फोटो : ANI
विस्तार
जैविक कृषि उत्पादों को किसान यदि अपने स्तर से बेचने का प्रयास करें तो उन्हें पर्याप्त लाभ नहीं होता है इसलिए सरकार का मानना है कि सहकारी समितियों के जरिये इन्हें बेचना ज्यादा फायदेमंद होगा। केंद्रीय कृषि सचिव गणेश कुमार ने सोमवार को यह जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि 11 जनवरी को केंद्रीय कैबिनेट ने पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में जैविक कृषि उत्पादों को बेचने के लिए राष्ट्रीय स्तर के कोऑपरेटिव समिति के गठन को मंजूरी दी है। इसमें अलग-अलग मंत्रालयों का सहयोग होगा। कुमार ने बताया, हमारे पास बाजार है, हमारे पास ग्राहकों की मांग है और यदि आप सीधे किसानों को लाभ पहुंचाना चाहते हैं तो सहकारिता की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह बातें इस विषय से संबंधित हितधारकों के साथ बैठक में कही।
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उन्होंने सामान्य और जैविक गेहूं के दाम में अंतर का जिक्र करते हुए कहा, यह अंतर 20 से 25 रुपये प्रति किलो का है। ऐसे में किसानों को अतिरिक्त कमाई करवाने में सहकारिता की खास भूमिका सामने आती है। सरकार ने जिस राष्ट्रीय समिति के गठन को मंजूरी दी है वह जैविक खेती के विभिन्न पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करेगी।
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इसमें जैविक उत्पादों के प्रमाणीकरण, भारत और विदेश में मांग और खपत की क्षमता को बढ़ाना, ब्रांडिंग आदि शामिल हैं। इस सहकारी समिति का नाम नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक लि. होगा और इसके 5 प्रवर्तक होंगे। गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (अमूल), नैफेड, एनसीसीएफ, एनडीडीबी और एनसीडीसी मिलकर इस जैविक सहकारी समिति को आरंभ करेंगे।