{"_id":"5d1c08c08ebc3e3c8c3f68b6","slug":"government-aims-to-double-the-income-of-farmers-boost-exports","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों की आय दोगुनी करने को सरकार ने बढ़ाया निर्यात का लक्ष्य ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
किसानों की आय दोगुनी करने को सरकार ने बढ़ाया निर्यात का लक्ष्य
Wed, 03 Jul 2019 11:26 AM IST
Avdhesh Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Wed, 03 Jul 2019 11:26 AM IST
विज्ञापन
किसान (फाइल फोटो)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य पाने के लिए सरकार ने कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ाने की योजना बनाई है। केंद्रीय उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को कहा कि विदेश मंत्रालय के साथ मिलकर यह लक्ष्य पूरा किया जाएगा।
सरकार ने तय किया है कि वर्ष 2024-25 तक कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ाकर 7 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा, जो अभी करीब पौने तीन लाख करोड़ रुपये सालाना है। गोयल और तोमर ने कहा कि इसके लिए सरकार कई मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है। इनमें बेहतर खाद-बीज और ढुलाई प्रबंधों के जरिये उपज में बढ़ावा देने के साथ ज्यादा कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए बहुस्तरीय उपाय शामिल हैं। अभी देश में 8 लाख सहकारी संस्थाएं चल रही हैं, जिसमें करीब 94 फीसदी किसान जुड़े हैं। यह संख्या 15 करोड़ के आसपास हो जाती है।
सहकारी मेला लगाएगी सरकार
कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार देश में पहली बार भारतीय अंतरराष्ट्रीय सहकारी व्यापार मेला लगाने जा रही है। इसमेें सहकारी क्षेत्र के संगठनों के अलावा दुनियाभर के कृषि वस्तुओं के खरीदारों को आमंत्रित किया जाएगा। यह मेला एनसीडीसी और वैश्विक संस्था नेडैक के सहयोग से 11 से 13 अक्तूबर तक दिल्ली के प्रगति मैदान में लगाया जाएगा।
विज्ञापन
निर्यात संवर्द्धन फोरम बनेगा
पीयूष गोयल ने बताया कि सहकारी क्षेत्र में काम कर रहे अमूल, इफको, एपीडा और नेफेड जैसे संगठनों का निर्यात बढ़ाने के लिए को-ऑपरेटिव सेक्टर एक्सपोर्ट प्रोमोशन फोरम (सीएसईपीएफ) बनाया जाएगा। यह इस क्षेत्र का शीर्ष संगठन होगा, जिसका मुख्य काम सहकारी क्षेत्र के संगठनों के उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना होगा। संगठन 20 से ज्यादा राज्यों के साथ मिलकर इस पर काम करेगा।
बनाई है उच्च स्तरीय समिति
कृषि क्षेत्र में आमूल चूल परिवर्तन के लिए सरकार ने गत सोमवार को ही उच्च स्तरीय समिति बनाई है। इसके संयोजक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हैं। समिति दो महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सहकारी संस्थाओं को मजबूती प्रदान कर कृषि उत्पादों के लिए विदेशी बाजारों तक पहुंच आसान बनाई जाएगी। इसका लाभ सीधे तौर पर देश के किसानों को होगा।
विज्ञापन
सरकार ने तय किया है कि वर्ष 2024-25 तक कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ाकर 7 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा, जो अभी करीब पौने तीन लाख करोड़ रुपये सालाना है। गोयल और तोमर ने कहा कि इसके लिए सरकार कई मोर्चों पर एक साथ काम कर रही है। इनमें बेहतर खाद-बीज और ढुलाई प्रबंधों के जरिये उपज में बढ़ावा देने के साथ ज्यादा कृषि उत्पादों के निर्यात के लिए बहुस्तरीय उपाय शामिल हैं। अभी देश में 8 लाख सहकारी संस्थाएं चल रही हैं, जिसमें करीब 94 फीसदी किसान जुड़े हैं। यह संख्या 15 करोड़ के आसपास हो जाती है।
विज्ञापन
सहकारी मेला लगाएगी सरकार
कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए सरकार देश में पहली बार भारतीय अंतरराष्ट्रीय सहकारी व्यापार मेला लगाने जा रही है। इसमेें सहकारी क्षेत्र के संगठनों के अलावा दुनियाभर के कृषि वस्तुओं के खरीदारों को आमंत्रित किया जाएगा। यह मेला एनसीडीसी और वैश्विक संस्था नेडैक के सहयोग से 11 से 13 अक्तूबर तक दिल्ली के प्रगति मैदान में लगाया जाएगा।
विज्ञापन
निर्यात संवर्द्धन फोरम बनेगा
पीयूष गोयल ने बताया कि सहकारी क्षेत्र में काम कर रहे अमूल, इफको, एपीडा और नेफेड जैसे संगठनों का निर्यात बढ़ाने के लिए को-ऑपरेटिव सेक्टर एक्सपोर्ट प्रोमोशन फोरम (सीएसईपीएफ) बनाया जाएगा। यह इस क्षेत्र का शीर्ष संगठन होगा, जिसका मुख्य काम सहकारी क्षेत्र के संगठनों के उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना होगा। संगठन 20 से ज्यादा राज्यों के साथ मिलकर इस पर काम करेगा।
बनाई है उच्च स्तरीय समिति
कृषि क्षेत्र में आमूल चूल परिवर्तन के लिए सरकार ने गत सोमवार को ही उच्च स्तरीय समिति बनाई है। इसके संयोजक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस हैं। समिति दो महीने में अपनी रिपोर्ट देगी। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सहकारी संस्थाओं को मजबूती प्रदान कर कृषि उत्पादों के लिए विदेशी बाजारों तक पहुंच आसान बनाई जाएगी। इसका लाभ सीधे तौर पर देश के किसानों को होगा।