{"_id":"5d46e3218ebc3e6cac647f19","slug":"government-agrees-with-doctors-on-national-medical-commission-bill-strike-ended-on-these-conditions","type":"story","status":"publish","title_hn":"एनएमसी विधेयक पर डॉक्टरों की बात से सहमत है सरकार, इन शर्तों पर खत्म हुई हड़ताल","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
एनएमसी विधेयक पर डॉक्टरों की बात से सहमत है सरकार, इन शर्तों पर खत्म हुई हड़ताल
Sun, 04 Aug 2019 07:22 PM IST
Gaurav Pandey
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Gaurav Pandey
Updated Sun, 04 Aug 2019 07:22 PM IST
विज्ञापन
हड़ताल करते डॉक्टर (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के एम्स अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) विधेयक के विरोध में शुरु की गई अपनी हड़ताल वापस ले ली है। सरकार ने छात्रों की चिंताओं पर ध्यान देने का आश्वासन दिया है। छात्रों के एक प्रतिनिधि मंडल से सरकार के बीच हुई बातचीत के बाद यह निर्णय लिया गया है।
विज्ञापन
इससे पहले, अस्पताल प्रशासन ने छात्रों पर हड़ताल खत्म न करने पर सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी थी। हड़ताल के कारण प्रभावित हुए दिनों को डॉक्टरों की सेवा के दिनों में गिना जाएगा। हड़ताली डॉक्टरों में से एक डॉ. लीना ने अमर उजाला को बताया कि सरकार ने उन्हें यह आश्वासन दिया है कि छात्रों की चिंताओं को ध्यान में रखकर एक्ट को अंतिम रुप दिया जाएगा।
विज्ञापन
बिल अभी केवल प्राथमिक गाइडलाइन बनाने के स्तर पर है। विस्तृत कानून बनाये जाने के समय न सिर्फ छात्रों, बल्कि आइएमए जैसे स्वास्थ्य संगठनों की मांगों को भी ध्यान में रखा जाएगा। नेशनल मेडिकल कमीशन बिल पर छात्रों की सबसे बड़ी आपत्ति आयुष डॉक्टरों को एलोपैथी की दवाएं लिखने के अधिकार को लेकर था।
विज्ञापन
इसके अलावा निजी मेडिकल कालेजों में आधे छात्रों की फीस तय करने का अधिकार कालेजों को दे देने के अधिकार का भी विरोध किया जा रहा है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को खत्म कर नेशनल मेडिकल कमीशन के नए स्वरूप में अंतर को लेकर भी विरोध था। सरकार का पक्ष है कि वह देश में स्वास्थ्यकर्मियों की कमी को दूर करने और स्वास्थ्य सेवाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार को दूर करने के लिए यह कदम उठा रही है।