{"_id":"596b35524f1c1be66b8b4bbf","slug":"gorkhaland-agitation-turns-violent-now-gorkha-janmukti-morcha-supporters-block-national-highway-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोरखालैंड की मांग, GJM के बेकाबू कार्यकर्ताओं ने किया हाईवे जाम","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
गोरखालैंड की मांग, GJM के बेकाबू कार्यकर्ताओं ने किया हाईवे जाम
amarujala.com- presented by: मनीष कुमार
Updated Sun, 16 Jul 2017 03:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पश्चिम बंगाल में गोरखालैंड की मांग करने वाले प्रदर्शन कारी नेशनल हाईवे 31 तक पहुंच गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने हाईवे को ब्लॉक कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक गोरखालैंड की मांग कर रहे गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने सुसाइड करने की धमकी दी है।
इससे पहले पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में चल रहे हिंसक प्रदर्शन पर काबू पाने के लिए कोलकत्ता के मुख्य न्यायाधीश ने केंद्र पर अर्धसैनिक बल की चार अन्य कंपनियों को भेजने की बात कही। उन्होंने दार्जिलिंग के हालात को देखते हुए अगल 48 घंटे में अर्धसैनिक बल की चार कंपनियों को भेजने को कहा है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में बीते कुछ महीने से अगल गोरखालैंड प्रदेश की मांग को लेकर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता आंदोलन कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों को रोकने के लिए कई बार आंसू गैस के गोले दागे हैं। वहीं प्रदर्शन के दौरान जीजेएम कार्यकर्ताओं की मौत के बाद आंदोलन उग्र हो गया।
उल्लेखनीय है कि बंगाल में अलग गोरखालैंड की मांग बहुत दिनों से चल रही है। वहीं गुरुवार को गोरखालैंड की मांग को लेकर अवॉर्ड वापसी भी शुरू हो गई। कर्मा योंजान ने 2016 में सरकार द्वारा दिया गया अवॉर्ड वापस करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2016 में सरकार ने मुझे अवॉर्ड दिया था, जो मैं अब वापस कर रह हूं। मुझे अवॉर्ड नहीं चाहिए बल्कि गोरखालैंड चाहिए।
विज्ञापन
#WestBengal: Gorkha Janmukti Morcha supporters block National Highway 31 in Siliguri's Salugara demanding separate #Gorkhaland state. pic.twitter.com/HYwICTykBR
— ANI (@ANI_news) July 16, 2017विज्ञापन
इससे पहले पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में चल रहे हिंसक प्रदर्शन पर काबू पाने के लिए कोलकत्ता के मुख्य न्यायाधीश ने केंद्र पर अर्धसैनिक बल की चार अन्य कंपनियों को भेजने की बात कही। उन्होंने दार्जिलिंग के हालात को देखते हुए अगल 48 घंटे में अर्धसैनिक बल की चार कंपनियों को भेजने को कहा है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में बीते कुछ महीने से अगल गोरखालैंड प्रदेश की मांग को लेकर गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता आंदोलन कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों को रोकने के लिए कई बार आंसू गैस के गोले दागे हैं। वहीं प्रदर्शन के दौरान जीजेएम कार्यकर्ताओं की मौत के बाद आंदोलन उग्र हो गया।
उल्लेखनीय है कि बंगाल में अलग गोरखालैंड की मांग बहुत दिनों से चल रही है। वहीं गुरुवार को गोरखालैंड की मांग को लेकर अवॉर्ड वापसी भी शुरू हो गई। कर्मा योंजान ने 2016 में सरकार द्वारा दिया गया अवॉर्ड वापस करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि दिसंबर 2016 में सरकार ने मुझे अवॉर्ड दिया था, जो मैं अब वापस कर रह हूं। मुझे अवॉर्ड नहीं चाहिए बल्कि गोरखालैंड चाहिए।