महाराष्ट्र: 'महिलाओं को कम आंकने की है समाज की मानसिकता'; विधान परिषद उपाध्यक्ष नीलम गोरे ने कही बड़ी बात
महाराष्ट्र विधान परिषद की उपाध्यक्ष नीलम गोरे ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, समाज की मानसिकता महिलाओं को कम आंकने की है। इसलिए उनमें साहस की कमी रहती है। गोरे ने कहा, साहस तो लोगों के साथ बातचीत करने से ही आता है।
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गोरे बोलीं, समाज की मानसिकता महिलाओं को कम आंकने की है
कार्यक्रम में महिलाओं के संबंध में बोलते हुए नीलम गोरे ने कहा, समाज की मानसिकता महिलाओं को कम आंकने की है। इसलिए महिलाओं में साहस की कमी रहती है। गोरे ने कहा, साहस तो लोगों के साथ बातचीत करने से ही आता है।
सामाजिक कायदे राबविण्याची जबाबदारी सामाजिक संघटनांची !
— Dr Neelam Gorhe (@neelamgorhe) September 26, 2023
उपसभापती डॉ.नीलम गोऱ्हे यांच्या हस्ते श्रमजीवी संघटनेचे संस्थापक विवेक पंडित यांच्या’माणूस म्हणून जगण्यासाठी’ या पुस्तकाचे प्रकाशन
आम्ही काय र चिखुल खावा? पुस्तकाच्या३र्या आवृत्तीचे प्रकाशन@MahaDGIPR @VivekPandit2308 @ANI pic.twitter.com/PzmO9Es0k0
उन्होंने बाल श्रमिकों और उत्पीड़ित महिलाओं के पुनर्वास की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती है। हालांकि प्रशासन समय-समय पर मदद करता है लेकिन कई बार उन पर दबाव भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिलने में समय लगता है।