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कोरोना वायरस: फेक न्यूज रोकने के लिए 49 करोड़ रुपये खर्च करेगी गूगल
Sun, 05 Apr 2020 08:22 AM IST
श्रीधर मिश्रा
नेश्नल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
नेश्नल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रीधर मिश्रा
Updated Sun, 05 Apr 2020 08:22 AM IST
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गूगल और कोरोना वायरस
- फोटो : social media
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इस समय दुनियाभर के कई देश कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं। हालांकि, इस बीच एक ऐसी भी चीज है जिसने इस लड़ाई को और भी मुश्किल कर दिया है। यह है कोरोना वायरस को लेकर फैलाई जा रही फेक न्यूज। दरअसल, इन दिनों कोरोना वायरस को लेकर तमाम तरह के भ्रम और झूठी खबरें फैलाई जा रही हैं। ऐसे में अब गूगल फेक न्यूज के खिलाफ बड़ा कदम उठाने जा रही है।
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दुनियाभर में कोरोना वायरस से जुड़ी झूठी जानकारियों से निपटने के लिए गूगल 65 लाख डॉलर (करीब 49 करोड़ रुपए) खर्च करेगी। गूगल इस राशि के जरिए फैक्ट चेकर्स और गैर-लाभकारी संगठनों को बढ़ावा देगी, जो कोरोना वायरस महामारी से जुड़े मामलों की तथ्यों के आधार पर जांच करेंगे।
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गूगल ने अपने एक ब्लॉग में बताया है कि स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि अचानक से सूचनाओं की आई बाढ़ से लोगों के लिए इस महामारी के बारे में विश्वसनीय जानकारी जुटाना मुश्किल हो गया है। कंपनी ने कहा कि लोगों को गलत खबरों और जानकारियों से बचाने में मदद के लिए वैज्ञानिकों, पत्रकारों, लोकप्रिय लोगों और प्रौद्योगिकी मंचों के साथ व्यापक प्रतिक्रिया की जरूरत है।
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गूगल ने कहा कि हम दुनियाभर में भ्रामक जानकारियों से निपटने के लिए फैक्ट-चेकर्स और गैर-लाभकारी संगठनों की मदद के लिए 65 लाख डॉलर मुहैया करा रहे हैं। गूगल ने आगे कहा कि स्वास्थ्य संस्थाओं और फैक्ट-चेकर्स को उन विषयों को चुनने में मदद करनी चाहिए, जिसके बारे में लोग रोज ऑनलाइन सर्च कर रहे हैं।
गूगल की तरफ से बताया गया है कि इस काम के लिए भारत में बूम लाइव, नाइजीरिया में अफ्रीका चेक के साथ साझेदारी करने में ‘डाटा लीड्स’ की मदद की जा रही है। इसके तहत कंपनी भारत और नाइजीरिया में करीब एक हजार पत्रकारों को ट्रेनिंग देगी। इसके अलावा गूगल की ‘गूगल न्यूज इनिशिएटिव‘ (जीएनआई) भी इस मामले में काम कर रही है।