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Arati Saha: गूगल ने डूडल बनाकर भारतीय तैराक आरती साहा को किया याद, 12 की उम्र में लिया था ओलंपिक में भाग
Thu, 24 Sep 2020 09:14 AM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अनवर अंसारी
Updated Thu, 24 Sep 2020 09:14 AM IST
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आरती साहा 80th बर्थडे: Google Doodle
- फोटो : Google screenshot
गूगल ने गुरुवार को भारतीय तैराक आरती साहा की 80वीं जयंती पर डूडल बनाया। साहा 1960 में पद्म श्री से सम्मानित होने वाली पहली महिला थीं। गूगल की तरफ से लोगों को संदेश देने और किसी को याद करने के लिए डूडल बनाए जाते हैं। गूगल अमूमन हर दिन किसी न किसी महान शख्सियत को याद करते हुए या लोगों को जागरूक करने के लिए डूडल बनाता है।
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साहा का जन्म 24 सितंबर, 1940 को कोलकाता (तब ब्रिटिश भारत) में हुआ था। उन्होंने हुगली नदी के किनारे तैरना सीखा। बाद में उन्होंने भारत के सर्वश्रेष्ठ प्रतिस्पर्धी तैराकों में से एक सचिन नाग की निगरानी में प्रशिक्षण लिया। पांच साल की उम्र में साहा ने अपना पहला स्वर्ण पदक जीता था। 11 साल की उम्र तक उन्होंने कई तैराकी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।
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12 साल की उम्र में साहा ने फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी में 1952 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भाग लिया। वह भाग लेने वाली भारत की पहली टीम में शामिल थीं। साहा टीम में शामिल चार महिलाओं में से एक थीं। 18 साल की उम्र में, उन्होंने इंग्लिश चैनल को पार करने का प्रयास किया। एक असफल प्रयास के बाद, वह यात्रा पूरी करने में सफल रही। ऐसा करने वाली वह पहली एशियाई महिला बन गईं।
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गुरुवार को गूगल ने साहा को इंग्लिश चैनल को पार करते हुए दर्शाया, साथ ही इसमें उनके चित्र को कंपास के साथ चित्रित किया गया। इस चित्र को कोलकाता के कलाकार लावण्या नायडू ने बनाया था।
एक साक्षात्कार में, नायडू ने कहा कि आरती साहा कोलकाता के घरों में एक प्रसिद्ध नाम हैं। उन्होंने कहा, मुझे आशा है कि यह हमारे देश के इतिहास में जब भी किसी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए महिलाओं को याद किया जाएगा, तो उसमें आरती साहा का नाम भी शामिल होगा।