फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Goa CM Pramod Sawant says from 1st September we are reducing water bills

गोवा: आज से पानी का बिल माफ, सीएम प्रमोद सावंत ने किया एलान

Wed, 01 Sep 2021 01:40 AM IST
देव कश्यप एएनआई, पणजी
एएनआई, पणजी Published by: देव कश्यप Updated Wed, 01 Sep 2021 01:40 AM IST
सार

गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने कहा कि लोगों को मुफ्त पानी देने वाला गोवा देश का पहला राज्य होगा, हम इस पानी को बर्बाद नहीं कर रहे हैं, हम मुफ्त पानी पाने के लिए पानी बचाना चाहते हैं।

विज्ञापन
Goa CM Pramod Sawant says from 1st September we are reducing water bills
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter

विस्तार

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने एक सितंबर यानी आज से लोगों को मुफ्त पानी देने का एलान किया है। सीएम सावंत ने कहा कि 'एक सितंबर से हम पानी के बिल कम कर रहे हैं। 16,000 लीटर पानी मुफ्त दिया जाएगा। एक सितंबर से 60 फीसदी परिवारों को जीरो बिल मिलेगा। फ्लैट या कॉम्प्लेक्स में रहने वाले इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।'

विज्ञापन


वहीं उन्होंने छोटे व्यवसायों के लिए भी एक एलान किया है। उन्होंने कहा, रेस्तरां को अब औद्योगिक बिलों का भुगतान नहीं करना होगा। हम इसे कमर्शियल बिल स्लैब में ले जा रहे हैं, वे बड़े पैमाने पर पैसे बचाने में सक्षम होंगे। लंबित बिलों के भुगतान की सुविधा के लिए ओटीएस (एकमुश्त निपटान) को दो महीने के लिए बढ़ा दिया गया है।
विज्ञापन


विज्ञापन
विज्ञापन


सीएम प्रमोद सावंत ने आगे कहा, ‘लोगों को मुफ्त पानी देने वाला गोवा देश का पहला राज्य होगा, हम इस पानी को बर्बाद नहीं कर रहे हैं, हम मुफ्त पानी पाने के लिए पानी बचाना चाहते हैं। हाल ही में गोवा सरकार का ‘गोवा भूमिपुत्र अधिकारिणी बिल, 2021’ अपने नाम के कारण विवादों में था। ऐसे में राज्य के कुछ समुदायों की तरफ से जारी विरोध को बढ़ता देख सरकार ने बिल से ‘भूमिपुत्र’ शब्द हटाने का फैसला किया था।

इस विधेयक में कहा गया था कि गोवा में 30 साल से ज्यादा समय से रह रहे लोगों को भूमिपुत्र का दर्जा मिलेगा। इसके बाद वे एक अप्रैल 2019 से पहले निर्मित अपने घरों पर मालिकाना हक का दावा कर सकेंगे। हालांकि, ये घर 250 स्क्वायर मीटर से ज्यादा क्षेत्र में नहीं बने होने चाहिए।



इस बिल को लेकर विपक्ष ने भी सरकार का विरोध किया है। विपक्ष ने बिल में भूमिपुत्र शब्द पर ‘कड़ी आपत्ति’ जताई थी। उनका कहना था कि इससे ‘राज्य के लगभग सभी आदिवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है और ऐसे किसी विधेयक को पारित करने के खिलाफ पूरा समुदाय विरोध में आ गया है, जो सही सुधार नहीं होने पर विनाशकारी प्रभाव डाल सकता है।’ 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed