गोवा: आज से पानी का बिल माफ, सीएम प्रमोद सावंत ने किया एलान
गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने कहा कि लोगों को मुफ्त पानी देने वाला गोवा देश का पहला राज्य होगा, हम इस पानी को बर्बाद नहीं कर रहे हैं, हम मुफ्त पानी पाने के लिए पानी बचाना चाहते हैं।
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गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने एक सितंबर यानी आज से लोगों को मुफ्त पानी देने का एलान किया है। सीएम सावंत ने कहा कि 'एक सितंबर से हम पानी के बिल कम कर रहे हैं। 16,000 लीटर पानी मुफ्त दिया जाएगा। एक सितंबर से 60 फीसदी परिवारों को जीरो बिल मिलेगा। फ्लैट या कॉम्प्लेक्स में रहने वाले इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।'
वहीं उन्होंने छोटे व्यवसायों के लिए भी एक एलान किया है। उन्होंने कहा, रेस्तरां को अब औद्योगिक बिलों का भुगतान नहीं करना होगा। हम इसे कमर्शियल बिल स्लैब में ले जा रहे हैं, वे बड़े पैमाने पर पैसे बचाने में सक्षम होंगे। लंबित बिलों के भुगतान की सुविधा के लिए ओटीएस (एकमुश्त निपटान) को दो महीने के लिए बढ़ा दिया गया है।
From September 1, we are reducing water bills. 16,000 litres of water will be given free of cost. From Sept 1st, 60% of the households will get zero bills. Those living in flats or complexes will be able to utilise the scheme: Goa CM Pramod Sawant pic.twitter.com/0mTWiMLe9R
— ANI (@ANI) August 31, 2021
सीएम प्रमोद सावंत ने आगे कहा, ‘लोगों को मुफ्त पानी देने वाला गोवा देश का पहला राज्य होगा, हम इस पानी को बर्बाद नहीं कर रहे हैं, हम मुफ्त पानी पाने के लिए पानी बचाना चाहते हैं। हाल ही में गोवा सरकार का ‘गोवा भूमिपुत्र अधिकारिणी बिल, 2021’ अपने नाम के कारण विवादों में था। ऐसे में राज्य के कुछ समुदायों की तरफ से जारी विरोध को बढ़ता देख सरकार ने बिल से ‘भूमिपुत्र’ शब्द हटाने का फैसला किया था।
इस विधेयक में कहा गया था कि गोवा में 30 साल से ज्यादा समय से रह रहे लोगों को भूमिपुत्र का दर्जा मिलेगा। इसके बाद वे एक अप्रैल 2019 से पहले निर्मित अपने घरों पर मालिकाना हक का दावा कर सकेंगे। हालांकि, ये घर 250 स्क्वायर मीटर से ज्यादा क्षेत्र में नहीं बने होने चाहिए।
इस बिल को लेकर विपक्ष ने भी सरकार का विरोध किया है। विपक्ष ने बिल में भूमिपुत्र शब्द पर ‘कड़ी आपत्ति’ जताई थी। उनका कहना था कि इससे ‘राज्य के लगभग सभी आदिवासियों की भावनाओं को ठेस पहुंची है और ऐसे किसी विधेयक को पारित करने के खिलाफ पूरा समुदाय विरोध में आ गया है, जो सही सुधार नहीं होने पर विनाशकारी प्रभाव डाल सकता है।’