परसेकर : अध्यापक से मुख्यमंत्री तक का सफर
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भारतीय जनता पार्टी के नेता और पेशे से अध्यापक लक्ष्मीकांत परसेकर गोवा के 22वें मुख्यमंत्री हैं। 58 साल के लक्ष्मीकांत परसेकर उत्तरी गोवा के मंदरेम विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और इस बार भी वो इसी विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में हैं। परसेकर ने मनोहर पर्रिकर के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का बाद पद ग्रहण किया।
मुख्यमंत्री बनने से पहले परसेकर पर्रिकर सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थे। वो राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री और पंचायत मंत्री भी रहे हैं। परसेकर ने 2002 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और जीते, तबसे वह कभी भी चुनाव नहीं हारे।
वह साल 2002 और 2012 में पार्टी की गोवा इकाई के प्रमुख रहे हैं। भाजपा को गोवा में मज़बूत करने में परसेकर ने खास भूमिका निभाई। 2012 से अब तक उन्होंने पार्टी में कई अहम ज़िम्मेदारियां निभाई हैं।
सीएम पारसेकर की संपत्ति पिछले पांच साल के दौरान कम हुई
गोवा के हरमल में जन्म लेने वाले परसेकर छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े रहे हैं। स्थानीय पत्रकार संदेश प्रभुदेसाई के अनुसार एम.एससी और बी.एड की शिक्षा प्राप्त परसेकर मंदरेम विधानसभा में हायर सेकेंडरी स्कूल भी चलाते हैं।
गोवा के मुख्यमंत्री लक्ष्मीकांत पारसेकर की संपत्ति पिछले पांच साल के दौरान कम हो गई है। ये खुलासा चुनाव आयोग के समक्ष दिए गए चुनावी हलफनामे से हुआ है।
हलफनामे के मुताबिक पिछले चुनावों में भाजपा के टिकट से मंद्रम सीट से चुनाव जीतने वाले पारसेकर की संपत्ति में साल 2012 के मुकाबले एक करोड़ 76 लाख रुपये की कमी हुई है। पारसेकर ने 2012 में दिए हलफनामे में अपनी कुल चल अचल संपत्ति 10 करोड़ 74 लाख रुपये दिखाई थी। इस बार दिए चुनावी हलफनामे में उनकी संपत्ति आठ करोड़ 98 लाख रुपये दिखाई गई है।