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रिपोर्ट: तेजी से बढ़ते शहरों में रहेगा भारत का दबदबा, 20 में से 17 शहर होंगे भारतीय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 07 Dec 2018 08:31 AM IST
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वैश्विक आर्थिक शोध रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के तेजी से बढ़ते शहरों में भारत का दबदबा रहेगा। 20 में से 17 शहर भारत के होंगे। ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की एक रिपोर्ट जो वैश्विक पूर्वानुमान और मात्रात्मक विश्लेषण करता है उसके अनुसार, 'जब भविष्य के सकल घरेलू उत्पाद की तुलना की जाएगी तो कहानी काफी अलग होगी। 2019 से 2035 के बीच दुनिया के तेजी से बढ़ते शहरों की संख्या में 17 भारत से होंगे। जिसमें बेंगलूरू, हैदराबाद और चेन्नई सबसे मजबूत दावेदार होंगे।'
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दुनिया के तेजी से बढ़ते शहरों की सूची में सूरत नंबर वन पर रहेगा। इसके बाद आगरा और बेंगलूरू का नंबर आएगा। चौथे नंबर पर हैदराबाद, पांचवे पर नागपुर, छठे पर तिरुपुर, सातवें पर राजकोट, आठवें पर तिरुचिरापल्ली, नौवें पर चेन्नई और दसवें नंबर पर विजयवाड़ा रहेंगे। सूरत हीरा व्यापार और प्रसंस्करण का प्रमुख केंद्र है और यहां आईटी क्षेत्र काफी मजबूत है। बेंगलूरू, हैदराबाद और चेन्नई को तकनीक का हब और वित्तिय कंपनियों का गढ़ माना जाता है।
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भारत के बाहर की बात करें तो फ्नोम फेन दुनिया की तेजी से बढ़ते शहरों में शामिल है। इसके बाद डार इस सलाम का नंबर आता है जो अफ्रीकी शहर है। जनसंख्या के अनुसार 2035 तक मुंबई टॉप 10 शहरों में शामिल होगा। ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के वैश्विक शहरों के शोध के हेड रिचर्ड होल्ट ने कहा, '2035 तक भारतीय शहरों का सकल घरेलू उत्पाद चीन (या वास्तव में, उत्तरी अमेरिकी और यूरोपीय) शहरों की तुलना में काफी कम रहेगी। हालांकि सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि के मामले में भारतीय शहर हमारे पूर्वानुमान में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले हैं।'
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चीनी शहर सकल घरेलू उत्पाद के मामले में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। 2035 तक शंघाई के साथ लंदन दुनिया की चौथी सबसे बड़ी शहरी अर्थव्यवस्था होगी। इस पूर्वानुमान के अनुसार 2027 में सभी एशियाई शहरो का कुल सकल घरेलू उत्पाद पहली बार उत्तर अमेरिका और यूरोपीय शहरों के संयुक्त घरेलू उत्पाद से ज्यादा होगा। रिपोर्ट के अनुसार, '2035 तक हमारा अनुमान है कि यह 17 प्रतिशत ज्यादा रहेगा। जिसमें चीनी शहरों का आउटपुट उत्तर अमेरिका और यूरोप के शहरों से ज्यादा रहेगा।'