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कोलकाताः तीन साल से फरार चल रहे बिमल गुरुंग ने भाजपा से तोड़ा नाता, कहा-टीएमसी को देंगे समर्थन
Wed, 21 Oct 2020 07:19 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, कोलकाता
पीटीआई, कोलकाता
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 21 Oct 2020 07:19 PM IST
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बिमल गुरुंग
- फोटो : पीटीआई
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पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग शहर में वर्ष 2017 में पृथक राज्य की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद से गिरफ्तारी की डर से फरार चल रहे जीजेएम प्रमुख बिमल गुरुंग को बुधवार को कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में गोरखा भवन के बाहर देखा गया।
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सामने आने के कुछ समय बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि पश्चिम बंगाल में 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी का समर्थन करेंगे और भाजपा का विरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि हम एनडीए से अलग हो रहे हैं क्योंकि भाजपा ने अपने वायदों को पूरा नहीं किया।
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जीजेएम नेता बिमल गुरुंग ने कहा कि भाजपा ने कहा था कि वह पहाड़ी क्षेत्र का स्थायी राजनीतिक समधान निकालेगी और 11 गोरखा समुदायों को अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता देगी, लेकिन वह वादों को पूरा करने में असफल रही।
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उन्होंने आगे कहा कि पहाड़ छोड़ने के बाद वह तीन साल नई दिल्ली में रहे और दो महीने पहले झारखंड चले गए थे। उन्होंने कहा कि अगर आज मैं गिरफ्तार हो गया तो कोई दिक्कत नहीं।
माना जा रहा है कि टीएमसी को समर्थन देने की वजह से ही उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई। बता दें कि गुरुंग पर कई मामले दर्ज हैं। इनमें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत दर्ज मामले भी शामिल हैं।
गोरखा भवन के अधिकारियों ने गुरुंग को अंदर आने नहीं दिया, जिसके बाद गुरुंग को कार में इंतजार करते देखा गया और बाद में वह वहां से चले गए बाद में उन्होंने मीडिया से बात की।