{"_id":"5bd4725dbdec2269317c8e78","slug":"gita-stops-child-marriages-with-the-help-of-pradhan","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्मार्ट बेटियां: प्रधान की मदद से गीता ने रुकवाया बाल विवाह","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
स्मार्ट बेटियां: प्रधान की मदद से गीता ने रुकवाया बाल विवाह
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Sat, 27 Oct 2018 07:42 PM IST
विज्ञापन
Gita
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर कड़ी जिद न की होती तो इंटरनेट साथी के तौर पर काम कर रही गीता राणा का भी बाल विवाह हो गया होता। जब उसके समझाने पर माता-पिता न माने तो गीता ने अपने धोधपुर मोतीपुर गांव के प्रधान से अपने अभिभावकों को समझवाने की कोशिश की। और यह तरकीब काम कर गई।
श्रावस्ती के सिरसिया ब्लॉक के धोधपुर मोतीपुर गांव के प्रधान के समझाने पर भी शुरू में तो माता-पिता ने आर्थिक हालात का ही रोना रोया। तब प्रधान ने कहा कि लड़की को अभी पढ़ने दो और इसकी पढ़ाई का खर्चा मैं उठा लूंगा। बेटी पढ़ जायेगी तो इसकी शादी अच्छे घर में हो सकेगी। हुआ भी ऐसा ही। गीता की सास खुद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं और उसका पति भी समझदारी के साथ हर किस्म का सहयोग करता है। इंटरनेट साथी के तौर पर काम कर रही गीता ने अपनी यह वीडियो कथा खुद ही तैयार की है।
अमर उजाला फाउंडेशन, यूनिसेफ, फ्रेंड, फिया फाउंडेशन और जे.एम.सी. के साझा अभियान स्मार्ट बेटियां के तहत श्रावस्ती और बलरामपुर जिले की 150 किशोरियों-लड़कियों को अपने मोबाइल फोन से बाल विवाह के खिलाफ काम करने वालों की ऐसी ही सच्ची और प्रेरक कहानियां बनाने का संक्षिप्त प्रशिक्षण दिया गया है। इन स्मार्ट बेटियों की भेजी कहानियों को ही हम यहां आपके सामने पेश कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्रावस्ती के सिरसिया ब्लॉक के धोधपुर मोतीपुर गांव के प्रधान के समझाने पर भी शुरू में तो माता-पिता ने आर्थिक हालात का ही रोना रोया। तब प्रधान ने कहा कि लड़की को अभी पढ़ने दो और इसकी पढ़ाई का खर्चा मैं उठा लूंगा। बेटी पढ़ जायेगी तो इसकी शादी अच्छे घर में हो सकेगी। हुआ भी ऐसा ही। गीता की सास खुद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं और उसका पति भी समझदारी के साथ हर किस्म का सहयोग करता है। इंटरनेट साथी के तौर पर काम कर रही गीता ने अपनी यह वीडियो कथा खुद ही तैयार की है।
विज्ञापन
अमर उजाला फाउंडेशन, यूनिसेफ, फ्रेंड, फिया फाउंडेशन और जे.एम.सी. के साझा अभियान स्मार्ट बेटियां के तहत श्रावस्ती और बलरामपुर जिले की 150 किशोरियों-लड़कियों को अपने मोबाइल फोन से बाल विवाह के खिलाफ काम करने वालों की ऐसी ही सच्ची और प्रेरक कहानियां बनाने का संक्षिप्त प्रशिक्षण दिया गया है। इन स्मार्ट बेटियों की भेजी कहानियों को ही हम यहां आपके सामने पेश कर रहे हैं।
विज्ञापन