बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

मध्यप्रदेश के विधायकों की खरीद फरोख्त पर बोले आजाद- ऐसा तीसरी या चौथी बार हुआ

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: Sneha Baluni Updated Thu, 05 Mar 2020 10:47 AM IST
विज्ञापन
गुलाम नबी आजाद (फाइल फोटो)
गुलाम नबी आजाद (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter
ख़बर सुनें
मध्यप्रदेश के राजनीतिक हालात पर गुलाम नबी आजाद ने संसद परिसर में गुरुवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी के साथ प्रेस कांफ्रेंस की। जिसमें उन्होंने भाजपा पर राज्य की सरकार को गिराने का आरोप लगाया। भाजपा पर आरोप लगाया गया है कि वह कमलनाथ सरकार को गिराने के लिए कांग्रेस विधायकों को 100-100 करोड़ रुपये और मंत्री पद देने की पेशकश की थी।
विज्ञापन


प्रेस कांफ्रेंस में गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'मध्यप्रदेश सरकार गिराने की यह पहली कोशिश नहीं थी। ऐसा तीसरी या चौथी बार हुआ है। भाजपा राज्यसभा सांसदों को तोड़ने की कोशिश कर रही है। वह किसी और की सरकार नहीं बनने देना चाहती। हम इस मुद्दे को संसद में जरूर उठाएंगे।'


आजाद ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, 'जबसे भाजपा राष्ट्रीय स्तर पर सत्ता में आई है तबसे राज्यों में एक-एक करके लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है। शुरुआत अरुणाचल प्रदेश से हुई थी जहां कांग्रेस की भारी बहुमत वाली सरकार को गिराया गया था। मणिपुर और गोवा में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी थी, लेकिन सरकार बनाने के लिए भाजपा को न्यौता दिया गया। जम्मू-कश्मीर में भी यही हुआ। इसके बाद महाराष्ट्र में बहुमत नहीं होने के बाद भी भाजपा के मुख्यमंत्री को रातो-रात शपथ दिलाई गई है।'



उन्होंने दावा करते हुए कहा, 'अब मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार को गिराने का प्रयास हो रहा है। हमें पता है कि जब राज्यसभा चुनाव होता है तो दूसरी पार्टियों को गिराने का बुखार भाजपा को जरा तेज हो जाता है।' राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, 'विपक्षी दलों के नेताओं को ईडी, सीबीआई और आयकर से डराकर तोड़ा जाता है। मध्य प्रदेश में पहली बार प्रयास नहीं हो रहा है। यह तीसरी-चौथी बार ऐसे हो रहा है। हम संसद में भी इस पर चर्चा करेंगे। पूरे देश को भी इस तरह के प्रयासों के खिलाफ खड़ा होना पड़ेगा।'

अधीर रजंन चौधरी ने कहा, 'भाजपा मध्य प्रदेश में कांग्रेस को सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। पहले भी उन्होंने कई प्रयास किए लेकिन राष्ट्रीय स्तर और प्रदेश स्तर के हमारे सक्षम नेतृत्व ने इसे नाकाम कर दिया। यह कुछ नहीं, बल्कि ‘न्यू इंडिया’ के नेता द्वारा इजात की गई खरीद-फरोख्त की राजनीति है। सभी राजनीतिक दलों को केंद्र सरकार के अधिनायकवादी रवैये के खिलाफ खड़ा होना पड़ेगा।'

बता दें कि मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर विधायकों के खरीद-फरोख्त के आरोप लगाए थे। इसके बाद कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि भाजपा ने उसके और बसपा के विधायकों को बंधक बनाया था। हालांकि 100 करोड़ रुपये और मंत्री पद का लालच भी हमारा ईमान नहीं खरीद पाया।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us