गाजीपुर बॉर्डर पर तनाव : किसानों के साथ राहुल, प्रियंका बोलीं- अन्नदाताओं को तोड़ने वाले 'देशद्रोही'
दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के बाद गुरुवार को गाजीपुर बॉर्डर पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। इस बीच कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने किसानों का समर्थन किया है। इन दोनों ही नेताओं ने ट्वीट कर अपनी बात कही है।
राहुल गांधी ने जहां अपने ट्वीट में कहा कि एक साइड चुनने का समय है। मेरा फैसला साफ है। मैं लोकतंत्र के साथ हूं, मैं किसानों और उनके शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ हूं। वहीं दूसरी ओर प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी ट्वीट कर कहा है कि उनकी पार्टी किसानों के साथ है। उन्होंने अपने ट्वीट में आरोप लगाते हुए लिखा कि किसानों को धमकाया जा रहा है और जो लोग अन्नदाताओं को तोड़ना चाहते हैं वे देशद्रोही हैं।
एक साइड चुनने का समय है।
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 28, 2021
मेरा फ़ैसला साफ़ है। मैं लोकतंत्र के साथ हूँ, मैं किसानों और उनके शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ हूँ।
प्रियंका ने ट्वीट किया कि कल आधी रात में लाठी से किसान आंदोलन को खत्म करने की कोशिश की गई। आज गाजीपुर, सिंघू बॉर्डर पर किसानों को धमकाया जा रहा है। यह लोकतंत्र के हर नियम के विपरीत है।
कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने कहा कि कांग्रेस किसानों के साथ इस संघर्ष में खड़ी रहेगी। किसान देश का हित हैं। जो उन्हें तोड़ना चाहते हैं- वे देशद्रोही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिंसक तत्वों पर सख्त कार्रवाई की जाए, लेकिन जो किसान शांति से महीनों से संघर्ष कर रहे हैं, उनके साथ देश की जनता की पूरी शक्ति खड़ी है।
कल आधी रात में लाठी से किसान आंदोलन को ख़त्म करने की कोशिश की। आज गाजीपुर, सिंघू बॉर्डर पर किसानों को धमकाया जा रहा है। यह लोकतंत्र के हर नियम के विपरीत है। कांग्रेस किसानों के साथ इस संघर्ष में खड़ी रहेगी। किसान देश का हित हैं। जो उन्हें तोड़ना चाहते हैं- वे देशद्रोही हैं।..1/2
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) January 28, 2021
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर शहर में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के संबंध में दर्ज प्राथमिकी में नामजद किसान नेताओं के विरुद्ध बृहस्पतिवार को लुक आउट नोटिस जारी किया। इसके साथ ही अपनी जांच तेज करते हुए पुलिस ने लाल किले पर हुई हिंसा के संबंध में राजद्रोह का मामला भी दर्ज किया है।
पुलिस ने किसान नेताओं को तीन दिनों का समय देते हुए यह बताने को कहा है कि क्यों नहीं उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए क्योंकि उन्होंने परेड के लिए तय शर्तों का पालन नहीं किया।