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Germany: 'भारत के साथ पनडुब्बियां बनाने के हम इच्छुक', दोनों देशों के रिश्तों पर बोले जर्मनी के राजदूत

Tue, 09 Apr 2024 03:48 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आदर्श शर्मा Updated Tue, 09 Apr 2024 03:48 PM IST
सार

जर्मन सरकार छह नई पारंपरिक पनडुब्बियों के निर्माण के लिए भारतीय नौसेना के साथ बातचीत कर रही है। जिसकी जानकारी भारत में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने जानकार दी है। जर्मनी भारत में उच्च तकनीक वाली पनडुब्बियां बनाने के लिए एक भारतीय डॉकयार्ड के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है

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German envoy: Germany fully backs submarine negotiations with India, wants to offer military cooperation
भारत में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन - फोटो : X/@gssjodhpur

विस्तार

भारत में जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने कहा कि जर्मन सरकार छह नई पारंपरिक पनडुब्बियों के निर्माण के लिए भारतीय नौसेना के साथ बातचीत कर रही है, जिसमें जर्मन फर्म थिसेनक्रुप मरीन सिस्टम एक के रूप में भारतीय मझगांव डॉकयार्ड्स लिमिटेड के साथ साझेदारी कर रही है। 
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उच्च तकनीक पर काम करना चाहते हैं- एकरमैन
फिलिप एकरमैन ने कहा कि मैं कह सकता हूं जर्मनी भारत में उच्च तकनीक वाली पनडुब्बियां बनाने के लिए एक भारतीय डॉकयार्ड के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है और जर्मन सरकार चल रही बातचीत का पूरे दिल से समर्थन कर रही है। प्रक्रिया अभी भी जारी है और निर्णय भारत को लेना है। यह कहा जा सकता है कि यह परियोजना पहले से ही हमारी रक्षा साझेदारी को गति दे रही है।
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रक्षा सौदे, संयुक्त अभ्यास के जरिए बढ़ेंगे संबंध
जर्मनी के राजदूत फिलिप एकरमैन ने कहा कि छह अरब यूरो से अधिक की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना के लिए जर्मन फर्म थिसेनक्रुप और स्पेनिश फर्म क्रमशः एमडीएल और लार्सन एंड टुब्रो के साथ साझेदारी कर रही हैं। जर्मन राजदूत ने उस हालिया मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं की, जहां जर्मन विदेश कार्यालय ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बारे में बयान दिया था, जिस पर भारत ने अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप के रूप में कड़ी आपत्ति जताई थी। एकरमैन ने कहा कि जर्मनी का भारत और इंडो-पैसिफिक के प्रति बदलाव बहुत ठोस कार्यों में दिखाई दे रहा है। सैन्य दौरे और संयुक्त अभ्यास, उन्नत सैन्य हार्डवेयर का संभावित सह-उत्पादन, साइबर के क्षेत्र में सहयोग और हमारी अंतरसंचालनीयता को मजबूत करना।
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भारत और जर्मनी के रिश्तों को प्रगाढ़ करने पर जोर
जर्मन के राजदूत फिलिप एकरमैनने कहा कि जर्मनी यूरोफाइटर टाइफून और A400M सहित जेट विमान को भारत भेजेगा। कोयंबटूर के पास एक अभ्यास के लिए फ्रांस और स्पेन के साथ एक यूरोपीय टीम का नेतृत्व करेगा। भारत के प्रति बदली हुई जर्मन विदेश नीति और रवैये के बारे में बात करते हुए एकरमैन ने कहा कि भारत के साथ रक्षा संबंधों को बढ़ावा देने और दीर्घकालिक और पर्याप्त रणनीतिक साझेदारी बनाने के लिए बर्लिन में और भी बड़ी राजनीतिक इच्छाशक्ति है।
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