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एलान से पहले शुरू हुई चुनावी जंग, दो हफ्ते में पीएम ने पांच तो शाह- राहुल ने की 6 राज्यों में सभाएं

Sat, 09 Feb 2019 12:22 PM IST
Shani Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shani Mishra Updated Sat, 09 Feb 2019 12:22 PM IST
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general elections 2019 PM Narendra modi BJP Chief amit shah congress rahul gandhi rally states
पीएम मोदी- अमित शाह- राहुल गांधी - फोटो : self
आम चुनाव की तारीखों का एलान होना भले ही बाकी है मगर देश म चुनावी बयार अभी से बह रही है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां मतदाताओं का मूड जानने और अपने संगठन को मजबूत करने के लिए ताबड़तोड़ रैलियां कर रहे हैं। खासकर गणतंत्र दिवस के बाद से सियासी गहमागहमी कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है। भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह प्रचार का नेतृत्व कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस की ओर से अकेले राहुल गांधी ने बागडोर संभाल रखी है। पिछले 13 दिनों के घटनाक्रम को देखे तो लगता है जैसे रैलियों का मौसम आ गया है। 
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प्रधानमंत्री मोदी और शाह की जोड़ी ने अबतक 22 सभाएं और रैलियां की है। अमित शाह ने 6 राज्यों में 14 तो पीएम ने पांच राज्यों में आठ रैलियां और सभाओं को संबोधित किया है। चुनावी मोड की बानगी इसी से समझी जा सकती है कि आठ से 12 फरवरी के बीच पांच दिनों में 10 राज्यों का दौरा करेंगे। शुक्रवार को मोदी ने बंगाल के जलपाईगुडी और छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में रैली की। दूसरी तरफ राहुल गांधी ने 12 दिन में 6 राज्यों में 7 रैलियां और 5 कार्यक्रमों में शिरकत की है।
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भाजपा की तरफ से प्रधानमंत्री ने सबसे ज्यादा तीन रैलियां पश्चिम बंगाल में जबकि शाह ने सबसे ज्यादा 6 सभाएं यूपी में की है।

भाजपा की अबतक की रैलियां

8 फरवरी: मोदी ने छत्तीसगढ़ और बंगाल में जबकि शाह ने यूपी के जौनपुर और गोरखपुर में सभाएं की।

6 फरवरी: शाह ने अलीगढ़ में रैली की। 

4 फरवरी: शाह की आंध्र में 2 रैली। 

3 फरवरी: जम्मू में मोदी की रैली, ओडिशा में शाह की रैली। 

2 फरवरी: बंगाल में मोदी ने 2 रैलियां कीं, यूपी के अमरोहा और देहरादून में शाह ने रैलियां कीं। 

31 जनवरी: दिल्ली में शाह भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा के कार्यक्रम में शामिल हुए। 

30 जनवरी: गुजरात मोदी की एक रैली, यूपी में शाह की दो सभा। 

29 जनवरी: शाह ने बंगाल में एक और ओडिशा में दो रैलियां की। 

28 जनवरी: हिमाचल के ऊना में अमित शाह ने रैली की। 

27 जनवरी: मोदी की केरल के त्रिशूर, तमिलनाडु के मदुरई में रैली। 

कमजोर राज्यों की मजबूती पर भाजपा का फोकस 

प्रधानमंत्री लगातार उन राज्यों में सभाएं कर रहे हैं जहां अबतक भाजपा कुछ खास नहीं कर पाई है। प्रधानमंत्री ने आठ में से तीन रैलियां बंगाल में और एक-एक रैली तमिलनाडु और केरल में की है। वह गुजरात, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर में भी एक-एक सभाएं कर चुके हैं। इसके अलावा सपा-बसपा के गठबंधन के बाद पार्टी को सबसे बड़ी चुनौती उत्तरप्रदेश में देखने को मिल सकती है।

पिछले चुनीव में अमित शाह पार्टी के महासचिव और यूपी प्रभारी थे। संगठन के स्तर पर किए उनके कामों की वजह से ही पार्टी ने 80 में से 71 और सहयोगी अपना दल ने दो सीटें जीती थी। यही वजह है कि 13 दिनों में अमित शाह ने यूपी में 6 सभाएं की हैं। 

राहुल ने दक्षिण-पूर्व भारत के 3 राज्यों में 4 रैलियां, बिहार में एक सभा की

8 फरवरी: भोपाल में राहुल ने किसान आभार रैली। 

7 फरवरी: दिल्ली में अल्पसंख्यक सम्मेलन में शामिल। 

6 फरवरी: ओडिशा में 2 रैली की, तेलंगाना में कार्यकर्ताओं से बातचीत की। 

5 फरवरी: दिल्ली में देश की 7 छात्रों के साथ डिनर पर चर्चा। 

3 फरवरी: पटना में जन आकांक्षा रैली, इसमें यूपीए में शामिल आरजेडी और कांग्रेस सीएम शामिल हुए। 

31 जनवरी: दिल्ली की नई कांग्रेस टीम के साथ चर्चा। 

30 जनवरी: तमिलनाडु में युवा क्रांति यात्रा में पहुंचे, रैली भी की। 

29 जनवरी: कोच्चि में रैली, हिमाचल कांग्रेस टीम से मुलाकात। 

28 जनवरी: छत्तीसगढ़ में किसान आभार रैली की। 


किसान कार्ड से होगा बेड़ा पार?

तीन राज्यों में भाजपा को चित करने के बाद राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस में नई ऊर्जा  हुआ है। कर्जमाफी के सहारे भाजपा को सत्ता से बेदखल करने वाली कांग्रेस लगातार किसानों के मुद्दे उठा रही है। शुक्रवार को ही राहुल ने भोपाल में किसान आभार रैली  की। गरीबों को साधने के लिए पार्टी पहले ही यूनिवर्सल बेसिक इनकम देने का वादा कर चुकी है। गुरुवार को कांग्रेस अल्पसंख्यक सम्मलेन में सिलचर से सांसद और कांग्रेस महिला मोर्चा की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा कि 2019 आम चुनाव में पार्टी की जीत होने पर कांग्रेस की सरकार तीन तलाक कानून को खारिज करेगी। देश में मुस्लिम मतदाताओं की तादाद 16 फीसदी है और 17 राज्यों में मुस्लिम मतदाता किंगमेकर की भूमिका में है।
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