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सुहाग बोले- उरी हमले के बाद सोच लिया था, सैनिकों की मौत का बदला लेना है
amarujala.com- Presented By: पूजा मेहरोत्रा
Updated Sat, 30 Sep 2017 12:16 PM IST
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उरी में सैन्य छावनी पर हुए आतंकी हमले की शाम को पूर्व आर्मी चीफ जनरल दलबीर सुहाग उरी में थे। उस आतंकी हमले में भारतीय सेना के 19 सैनिकों की मौत हुई थी। उस हमले के बाद जनरल सुहाग ने सोच लिया था कि सैनिकों की मौत का बदला लेना है। कुछ ऐसा करना है जो एलओसी पर इससे पहले कभी नहीं हुआ हो।
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इंडिया टुडे को दिए अपने एक इंटरव्यू में जनरल सुहाग ने उरी हमले और सर्जिकल स्ट्राइक की कई परते खोलीं। सुहाग पिछले साल दिसंबर में रिटायर हो चुके हैं।
पढ़ें: आज ही के दिन भारत ने पाक से लिया था उरी का बदला, जानें सर्जिकल स्ट्राइक की पूरी कहानी
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जनरल सुहाग ने बताया कि उरी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक पाक के कब्जे वाले (pok) और आतंकियों के लांचपैड पर किया जाने वाला राजनीतिक मंजूरी मिलने के बाद अपनी तरह का पहला और बड़ा अभियान था।
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इससे पहले आर्मी के जितने भी ऑपरेशन हुए उसे किसी तरह की सरकारी अनुमति की जरूरत नहीं हुआ करती थी। सुहाग ने बताया कि इससे पहले एलओसी पर 250 किलोमीटर अंदर जाकर इस तरह का हमला अभी तक नहीं किया गया था।
नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने, जिसने अपनी सेना पर भरोसा दिखाया
सुहाग ने बताया कि हालांकि की सीधेतौर पर 18 सितंबर के उरी हमले के बाद ही आक्रामक अभियान शुरू किया गया लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी पहले से ही शुरू कर दी गई थी।
सुहाग ने बताया कि सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी म्यांमार के 2015 के एनएससीएन कैंप पर हुए हमले के बाद ही शुरू हो गई थी। जिसमें भारत के 18 सैनिक मारे गए थे। म्यामांर के ऑपरेशन के बाद ही
भारतीय सेना ने तैयारी शुरू कर दी थी कि ऐसा ही हमला अब आतंकी हमले के बाद एलओसी पर भी करना है और हमने नॉर्दन आर्मी कमांडर को सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़ी ट्रेनिंग की तैयारी के लिए कह दिया था।
लेकिन इसमें साथ दिया नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने। जिसने अपनी सेना पर भरोसा दिखाया और सीमापार जाकर कार्रवाई करने की अनुमति भी दी।
सुहाग ने बताया कि सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी म्यांमार के 2015 के एनएससीएन कैंप पर हुए हमले के बाद ही शुरू हो गई थी। जिसमें भारत के 18 सैनिक मारे गए थे। म्यामांर के ऑपरेशन के बाद ही
भारतीय सेना ने तैयारी शुरू कर दी थी कि ऐसा ही हमला अब आतंकी हमले के बाद एलओसी पर भी करना है और हमने नॉर्दन आर्मी कमांडर को सर्जिकल स्ट्राइक से जुड़ी ट्रेनिंग की तैयारी के लिए कह दिया था।
लेकिन इसमें साथ दिया नरेंद्र मोदी की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने। जिसने अपनी सेना पर भरोसा दिखाया और सीमापार जाकर कार्रवाई करने की अनुमति भी दी।