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गुजरात चुनाव से लौटकर गहलोत ने बढ़ाई राजस्थान सरकार की मुसीबत
शशिधर पाठक / नई दिल्ली
Updated Thu, 14 Dec 2017 12:51 AM IST
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ashok gehlot
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राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव अशोक गहलोत राजनीति के मंझे खिलाड़ी हैं। अनुभवी गहलोत गुजरात राज्य के प्रभारी हैं। बृहस्पतिवार को गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण का मतदान होना है। इस बीच जयपुर पहुंचें गहलोत ने राज्य की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया की परेशानी बढ़ा दी है। उन्होंने वसुंधरा पर आरोप लगाते हुए कहा कि चार साल में राज्य की सीएम ने गौरवशाली राजस्थान को मुंह दिखाने लायक भी नहीं छोड़ा है।
अमर उजाला से बातचीत में भी गहलोत ने गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भारी बहुमत मिलने का भरोसा जताया। वहीं, राजस्थान सरकार के बारे में गहलोत का कहना है कि यहां सड़क, अस्पताल, शिक्षा, समेत आम आदमी को मिलने वाली सुविधओं का बुरा हाल है। चार साल में राज्य सरकार पूरी तरह से असफल रही है। यहां भ्रष्टाचार, लूट और जनता की परेशानी बढ़ी है।
पढ़ें- राजस्थान के इस दिग्गज नेता का बढ़ेगा कद, कांग्रेस में मिल सकती है राहुल की जगह
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अमर उजाला से बातचीत में भी गहलोत ने गुजरात विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भारी बहुमत मिलने का भरोसा जताया। वहीं, राजस्थान सरकार के बारे में गहलोत का कहना है कि यहां सड़क, अस्पताल, शिक्षा, समेत आम आदमी को मिलने वाली सुविधओं का बुरा हाल है। चार साल में राज्य सरकार पूरी तरह से असफल रही है। यहां भ्रष्टाचार, लूट और जनता की परेशानी बढ़ी है।
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गहलोत की सक्रियता पर निगाहें
vasundhra raje
- फोटो : vasundhra raje
अशोक गहलोत गुजरात विधानसभा चुनाव में अपनी क्षमता का लोहा मनवा चुके हैं। लगभग हर समय कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ साये की तरह रहने वाले अशोक गहलोत की विनम्रता, धीरे से बड़ी बात कहने की शैली, मुद्दों की समझ तथा दांव-पेंच की समझ ने टीआरपी बढ़ा दी है। वह राजस्थान के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। ऐसे में उनके बयान को राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि राजस्थान में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट काफी सक्रिय हैं।
सचिन राहुल गांधी के करीबियों में हैं, लेकिन अशोक गहलोत की निगाह भी हमेशा चिड़िया की एक आंख पर ही रहती है। खास बात यह कि पिछला विधानसभा चुनाव कांग्रेस भले ही बुरी तरह हारी हो और लोकसभा चुनाव में भी जादू न चला हो, लेकिन अशोक गहलोत सभी वर्ग, जाति, संप्रदाय के नेता हैं। उन्होंने राजस्थान में 2018 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से अपनी पकड़ बनाना शुरू कर दिया है।
16 दिसंबर को देंगे राहुल को बधाई
16 दिसंबर को राहुल गांधी अध्यक्ष पद की कमान संभालेंगे। इसके लिए कांग्रेस मुख्यालय में जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं। कल गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरम का मतदान होना है। इसके बाद अशोक गहलोत का दिल्ली आने का कार्यक्रम है। इस दौरान वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से भी मंत्रणा करेंगे।
सचिन राहुल गांधी के करीबियों में हैं, लेकिन अशोक गहलोत की निगाह भी हमेशा चिड़िया की एक आंख पर ही रहती है। खास बात यह कि पिछला विधानसभा चुनाव कांग्रेस भले ही बुरी तरह हारी हो और लोकसभा चुनाव में भी जादू न चला हो, लेकिन अशोक गहलोत सभी वर्ग, जाति, संप्रदाय के नेता हैं। उन्होंने राजस्थान में 2018 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव को लेकर अभी से अपनी पकड़ बनाना शुरू कर दिया है।
16 दिसंबर को देंगे राहुल को बधाई
16 दिसंबर को राहुल गांधी अध्यक्ष पद की कमान संभालेंगे। इसके लिए कांग्रेस मुख्यालय में जोर शोर से तैयारियां चल रही हैं। कल गुजरात विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरम का मतदान होना है। इसके बाद अशोक गहलोत का दिल्ली आने का कार्यक्रम है। इस दौरान वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी समेत कांग्रेस के शीर्ष नेताओं से भी मंत्रणा करेंगे।