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Hindi News ›   India News ›   GBS In Bengal Guillain-Barre Syndrome patients death health department not officially confirmed

GBS In Bengal: परिवार का दावा- गुलियन-बैरे सिंड्रोम से बच्चे समेत तीन की मौत; बंगाल सरकार का पुष्टि से इनकार

Thu, 30 Jan 2025 04:03 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Thu, 30 Jan 2025 04:03 AM IST
सार

राज्य स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक इन मौतों के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। घबराने की कोई बात नहीं है। 

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GBS In Bengal Guillain-Barre Syndrome patients death health department not officially confirmed
गिलियन बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) - फोटो : stock

विस्तार

पश्चिम बंगाल में पिछले चार दिनों में संदिग्ध गुलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के कारण एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गई। तीन लोगों की मौत कोलकाता और हुगली जिले के सरकारी अस्पतालों में हुई। हालांकि, राज्य स्वास्थ्य विभाग ने अभी तक इन मौतों के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। घबराने की कोई बात नहीं है। 

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सूत्रों के अनुसार, मृतकों में उत्तर 24 परगना जिले के जगद्दल निवासी 10 साल का देबकुमार साहू, अमदंगा निवासी 17 वर्षीय अरित्रा मनल और हुगली जिले के धनियाखाली गांव का 48 वर्षीय एक व्यक्ति शामिल हैं। 
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पारिवारिक सदस्यों का दावा- संदिग्ध जीबीएस के कारण हुई मौत
तीनों के पारिवारिक सदस्यों ने दावा किया है कि उनकी मौत संदिग्ध जीबीएस के कारण हुई है। उन्होंने बताया कि देबकुमार की मौत 26 जनवरी को कोलकाता के बीसी रॉय अस्पताल में हुई, जबकि अरित्रा की मौत अगले दिन एनआरएस मेडिकल कॉलेज और अस्पातल में इलाज के दौरान हुई। हुगली जिले के व्यक्ति की मौत बुधवार को वहां के एक अस्पताल हुई। 
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मृतक के चाचा का ने कहा- मृत्यु प्रमाण-पत्र में जीबीएस का जिक्र
देबकुमार के चाचा गोविंदा साहू ने कहा, 'अस्पताल ने हमें बताया कि इलाज के दौरान उसकी देबकुमार की हालत लगातार बिगड़ रही थी। उन्होंने हमें यह नहीं बताया कि उसकी मौत का कारण जीबी सिंड्रोम था, लेकिन मृत्यु प्रमाण-पत्र में संदिग्ध जीबी सिंड्रोम का जिक्र था।' 

जीबीएस से पीड़ित चार और बच्चों का इलाज जारी
इस बीच, सूत्रों ने बताया कि संदिग्ध जीबीएस से पीड़ित चार और बच्चों का बीसी रॉय अस्पताल और बाल स्वास्थ्य संस्थान में इलाज चल रहा है। 

महाराष्ट्र में भी जीबीएस के 127 संदिग्ध मरीज मिले
बंगाल के अलावा, महाराष्ट्र में भी गुलियन-बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि अभी तक जीबीएस के 127 संदिग्ध मरीज मिले हैं। 


क्या है गुलियन-बैरे सिंड्रोम
बता दें कि जीबीएस एक दुर्लभ स्थिति है जो अचानक सुन्नता और मांसपेशियों की कमजोरी का कारण बनती है, जिसमें अंगों में गंभीर कमजोरी, दस्त आदि शामिल हैं। डॉक्टरों के अनुसार, बैक्टीरियल और वायरल संक्रमण आमतौर पर जीबीएस का कारण बनते हैं, क्योंकि वे रोगियों की प्रतिरक्षा को कमजोर कर देते हैं।
 

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