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GBBC: जीबीबीसी के आयोजन में भारत को मिला दुनिया में तीसरा स्थान, यहां हैं पक्षियों की 1,036 प्रजातियां
Thu, 07 Mar 2024 07:21 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Thu, 07 Mar 2024 07:21 AM IST
सार
हर साल फरवरी में चार दिन होने वाले इस आयोजिन की शुरुआत 1998 में कॉर्नेल लैब ऑफ ऑर्निथोलॉजी और नेशनल ऑडबोन सोसाइटी ने की थी। भारत 2013 से इसमें शामिल हो रहा है। जीबीबीसी का आयोजन बहुत रोचक है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारत में पक्षियों की 1,036 प्रजातियां दर्ज की गई हैं, जो दुनिया में तीसरे नंबर पर हैं। द ग्रेट बैकयार्ड बर्ड काउंट (जीबीबीसी) के अनुसार, कोलंबिया में सबसे ज्यादा 1,363 और इक्वाडोर में 1,130 पक्षी प्रजातियों की पहचान की गई। वहीं, ब्राजील 1,007 प्रजातियों के साथ चौथे स्थान पर है। 16 से 19 फरवरी के बीच आयोजित जीबीबीसी 2024 में बड़ी संख्या में पक्षी प्रेमियों, विधार्थियों और आम लोगों ने भाग लिया था। इस दौरान वैश्विक स्तर पर 3.18 लाख चेकलिस्ट और 7,895 प्रजातियां को रिकॉर्ड किया गया।
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हर साल फरवरी में चार दिन होने वाले इस आयोजिन की शुरुआत 1998 में कॉर्नेल लैब ऑफ ऑर्निथोलॉजी और नेशनल ऑडबोन सोसाइटी ने की थी। भारत 2013 से इसमें शामिल हो रहा है। जीबीबीसी का आयोजन बहुत रोचक है। इस दौरान देश-दुनिया के पक्षी प्रेमी अपने घरों की छत, आंगन, पार्कों और आसपास आने वाले पक्षियों की तस्वीरें ऑनलाइन प्लेटफार्म ई बर्ड पर अपलोड करते हैं। इनकी मदद से दुनियाभर में पक्षियों की प्रजातियों और विविधता का आकलन किया जाता है।
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इस तरह होती है पहचान
हर साल फरवरी में चार दिन होने वाले इस आयोजिन की शुरुआत 1998 में कॉर्नेल लैब ऑफ ऑर्निथोलॉजी और नेशनल ऑडबोन सोसाइटी ने की थी। भारत 2013 से इसमें शामिल हो रहा है। जीबीबीसी का आयोजन बहुत रोचक है। इस दौरान देश-दुनिया के पक्षी प्रेमी अपने घरों की छत, आंगन, पार्कों और आसपास आने वाले पक्षियों की तस्वीरें ऑनलाइन प्लेटफार्म ई बर्ड पर अपलोड करते हैं। इनकी मदद से दुनियाभर में पक्षियों की प्रजातियों और विविधता का आकलन किया जाता है।
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सूचियां प्रस्तुत करने में भारतीय दूसरे स्थान पर
यह पहला जीबीबीसी है, जिसमें देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पक्षी प्रेमियों ने हिस्सा लिया है। बर्ड काउंट इंडिया (बीसीआई) के अनुसार, इस साल भारतीय पक्षी प्रेमियों ने 60,810 सूचियों का योगदान दिया है। यह दुनिया में दूसरी सबसे अधिक हैं। अमेरिका पहले स्थान पर है, जिसने इस दौरान 1,72,025 जांच सूचियां दर्ज की हैं। 25,420 चेकलिस्ट के साथ कनाडा तीसरे स्थान पर है।
78 प्रजातियां सिर्फ भारत में
भारतीय प्राणी विज्ञान सर्वेक्षण (जेडएसआई) के एक अध्ययन में दावा किया गया है कि पक्षियों की 78 प्रजातियां सिर्फ भारत में पाई जाती हैं। दुनिया में 10,906 पक्षी प्रजातियों की समृद्ध विविधता है। इनमें से 1,353 का घर भारत है। केरल सबसे आगे तमिलनाडु दूसरे स्थान पर इस साल केरल में सबसे अधिक 14,023 सूचियां दर्ज की गईं। इसके बाद 13,661 के साथ तमिलनाडु दूसरे तथा 5,725 सूचियों के साथ महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर रहा। कर्नाटक में 5,140, मध्य प्रदेश 3,260, पश्चिम बंगाल 2,806 और उत्तराखंड में 2,234 और राजस्थान में 1,961 सूचियां दर्ज की गईं।
इनके हुए दीदार
इस साल भारतीय पक्षी प्रेमियों की ओर से देखी गई कुछ प्रमुख प्रजातियों में नीलगिरि लाफिंगथ्रश, व्हाइट हेडेड स्टार्लिंग, नीलगिरि शोलाकिली, व्हाइट बेलिड ब्लू फ्लाईकैचर, अंडमान सर्पेंट ईगल, अंडमान वुडपेकर, अंडमान ट्रीपी,फॉरेस्ट ओवलेट, बुगुन लिओसिचला व व्हाइट बेलिड शोलाकिली शामिल रहीं।