{"_id":"60bc514b50b9fa10404d3afd","slug":"gb-pant-hospital-in-delhi-issue-a-circular-siting-every-nurse-should-talk-in-hindi-and-english-rahul-gandhi-tweet-on-it","type":"story","status":"publish","title_hn":"मलयालम में बात करने पर रोक: बवाल के बाद जीबी पंत अस्पताल ने वापस लिया आदेश, राहुल गांधी ने ली थी आपत्ति","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मलयालम में बात करने पर रोक: बवाल के बाद जीबी पंत अस्पताल ने वापस लिया आदेश, राहुल गांधी ने ली थी आपत्ति
Sun, 06 Jun 2021 10:56 AM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sun, 06 Jun 2021 10:56 AM IST
सार
जीबी पंत अस्पताल ने नर्सिंग स्टाफ के लिए एक विवादित सर्कुलर जारी हुआ था, जिसके विवाद बढ़ने के बाद अब वापस ले लिया गया है। इस सर्कुलर के मुताबिक अस्पताल में मलयालम भाषा के इस्तेमाल करने पर रोक लगाई गई थी। जिस पर राहुल गांधी और शशि थरूर ने आपत्ति जताई थी।
विज्ञापन
नर्स (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : prayagraj
विस्तार
दिल्ली के सरकारी गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल ने नर्सिंग कर्मचारियों को मलयालम भाषा में बात करने से रोकने वाला आदेश चौतरफा आलोचना के बाद रविवार को वापस ले लिया और कहा कि मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी व शशि थरूर ने भी आपत्ति जताई थी।
विज्ञापन
अस्पताल के चिकित्सा निदेशक डॉ. अनिल अग्रवाल ने एक नया आदेश जारी कर कहा, 'अस्पताल प्रशासन और दिल्ली सरकार की जानकारी या किसी भी निर्देश के बिना जी बी पंत अस्पताल के नर्सिंग अधीक्षक द्वारा जारी परिपत्र तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है।' डॉ. अग्रवाल ने कहा कि मामले की जांच चल रही है और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में डॉक्टर और नर्स किसी भगवान के रूप से कम नहीं। ये लोग दिन-रात एक कर लोगों की जिंदगियां बचा रहे हैं, लेकिन दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल के विवादित सर्कुलर ने नर्सों के काम करने के तौर-तरीके पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया था।
विज्ञापन
Delhi's Govind Ballabh Pant Institute of Post Graduate Medical Education & Research withdraws its circular directing nursing staff to communicate only in Hindi/English & disallowing use of Malayalam language. Hosp administration says circular was issued without their information. https://t.co/q0i6gMqO0o
— ANI (@ANI) June 6, 2021
उल्लेखनीय है कि अस्पताल के नर्सिंग अधीक्षक ने शनिवार को एक परिपत्र जारी कर अपने नर्सिंग कर्मचारियों को काम के दौरान मलयालम भाषा में बात नहीं करने को कहा था, क्योंकि 'अधिकतर मरीज और सहकर्मी इस भाषा को नहीं जानते हैं,' जिसके कारण बहुत असुविधा होती है। इस सर्कुलर पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि मलयालम भी उतनी ही भारतीय भाषा है, जितनी कोई और भाषा है। भाषाओं के नाम पर भेदभाव बंद किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी इस मामले पर गहरी आपत्ति जताई है। उन्होंने ट्विटर के जरिए लिखा कि ये आश्चर्यजनक है कि भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में एक सरकारी संस्थान अपनी नर्सो से कह सकता है कि वे उन लोगों से भी अपनी मातृभाषा में बात ना करें, जो उन्हें समझ सकते हैं। ये एकदम अस्वीकार्य है
दिल्ली के प्रमुख अस्पतालों में से एक गोविंद बल्लभ पंत स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान संस्थान (जीआईपीएमईआर) द्वारा जारी परिपत्र में नर्सों से कहा गया था कि वे संवाद के लिए केवल हिंदी और अंग्रेजी का उपयोग करें, अन्यथा 'कड़ी कार्रवाई' का सामना करने के लिए तैयार रहें।
जी बी पंत के नर्सिंग स्टाफ संगठन के एक अधिकारी ने कहा कि अस्पताल में करीब 850 नर्स काम कर रही हैं जिनमें से तकरीबन 400 केरल की मलयालम भाषी हैं। संगठन के अध्यक्ष लीलाधर रामचंदानी ने दावा किया कि अस्पताल में मलयालम भाषा का इस्तेमाल करने के संबंध में एक मरीज द्वारा स्वास्थ्य विभाग में एक वरिष्ठ अधिकारी को भेजी शिकायत के आधार पर परिपत्र जारी किया गया, हालांकि संगठन परिपत्र में इस्तेमाल शब्दों पर आपत्ति व्यक्त करता है।