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एसआईआर पर रार: कांग्रेस के सवालों पर स्मृति ईरानी का पलटवार, पूछा- डुप्लीकेट नाम हटाने का विरोध क्यों कर रही?
Tue, 29 Sep 2026 04:07 PM IST
शिवम गर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Tue, 29 Sep 2026 04:07 PM IST
सार
स्मृति ईरानी ने एसआईआर विवाद पर कांग्रेस को घेरा और पूछा कि अगर वोटर लिस्ट में डुप्लीकेट या मृत व्यक्ति का नाम है, तो उसे हटाने का विरोध क्यों किया जा रहा है। उन्होंने गैर-भाजपा शासित राज्यों में कांग्रेस के रुख पर भी सवाल उठाया। आखिर क्या बोलीं? आइए, जानते हैं...
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स्मृति ईरानी
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज है। भाजपा की राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर चुनाव आयोग को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत करता है और दुनिया के कई देशों में भारतीय लोकतंत्र की इस व्यवस्था का सम्मान किया जाता है।
स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस को लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत जनता का समर्थन नहीं मिल रहा है। उनके मुताबिक, पार्टी को अपनी चुनावी हार की समीक्षा करनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय वह चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है।
'डुप्लीकेट नाम मतदाता सूची में क्यों रहें?'
स्मृति ईरानी ने मतदाता सूची में डुप्लीकेट और मृत लोगों के नाम होने के मुद्दे पर भी कांग्रेस से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि अगर किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दो जगह दर्ज है या किसी मृत व्यक्ति का नाम अभी भी सूची में मौजूद है, तो कांग्रेस ऐसे नामों को हटाने का विरोध क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों ने मतदाता नामों को हटाने और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।
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भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने कहा "आज कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व ने कहा कि चुनाव आयोग को प्रश्नों के दायरे में लाने के लिए उनके कार्यकर्ताओं का महिमा मंडन उनकी व्यवस्था के माध्यम से हुआ। मैं एक नागरिक होने के नाते यह कहना चाहती हूं कि चुनाव आयोग भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करता है। यह भारत के लोकतंत्र का मान है। कांग्रेस को इस बात का दुख है कि आज भारत की जनता उनका लोकतांत्रिक ढांचे में समर्थन नहीं करती है। यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी चुनाव आयोग पर हमला कर रही है।"
'हिमाचल, पंजाब, केरल और कर्नाटक में भी आयोग पर सवाल?'
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस से यह भी पूछा कि जिन राज्यों में भाजपा सत्ता में नहीं है, वहां चुनाव आयोग की गतिविधियों को लेकर कांग्रेस का रुख क्या है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस इन राज्यों में चुनाव आयोग को क्लीन चिट देती है या वहां भी आयोग के कामकाज पर सवाल उठाती है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग के कामकाज पर राजनीतिक विवाद चल रहा है। रिपोर्टों में दो चुनाव आयुक्तों की ओर से कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी। आयोग ने हालांकि कहा है कि अलग-अलग राय और सुझाव आंतरिक विचार-विमर्श का हिस्सा हैं और SIR समेत उसके अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।
लाहौर अधिवेशन के हवाले पर भी कांग्रेस को घेरा
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस द्वारा लाहौर कांग्रेस अधिवेशन का हवाला दिए जाने पर भी निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस के इतिहास और उसके गठन को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को इतिहास के उन पन्नों पर भी नजर डालनी चाहिए, जिनमें एओ ह्यूम की भूमिका का जिक्र मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की स्थापना के पीछे ब्रिटिश शासन की व्यवस्था से जुड़ा संदर्भ था और आज वही पार्टी चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है। स्मृति ईरानी ने इसे कांग्रेस की ओर से इतिहास का हवाला देने के संदर्भ में अनुचित बताया।
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स्मृति ईरानी ने कहा कि कांग्रेस को लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत जनता का समर्थन नहीं मिल रहा है। उनके मुताबिक, पार्टी को अपनी चुनावी हार की समीक्षा करनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय वह चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है।
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'डुप्लीकेट नाम मतदाता सूची में क्यों रहें?'
स्मृति ईरानी ने मतदाता सूची में डुप्लीकेट और मृत लोगों के नाम होने के मुद्दे पर भी कांग्रेस से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि अगर किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में दो जगह दर्ज है या किसी मृत व्यक्ति का नाम अभी भी सूची में मौजूद है, तो कांग्रेस ऐसे नामों को हटाने का विरोध क्यों कर रही है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची को सही और अपडेट रखना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, एसआईआर को लेकर विपक्षी दलों ने मतदाता नामों को हटाने और प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं।
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भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने कहा "आज कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व ने कहा कि चुनाव आयोग को प्रश्नों के दायरे में लाने के लिए उनके कार्यकर्ताओं का महिमा मंडन उनकी व्यवस्था के माध्यम से हुआ। मैं एक नागरिक होने के नाते यह कहना चाहती हूं कि चुनाव आयोग भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करता है। यह भारत के लोकतंत्र का मान है। कांग्रेस को इस बात का दुख है कि आज भारत की जनता उनका लोकतांत्रिक ढांचे में समर्थन नहीं करती है। यही कारण है कि कांग्रेस पार्टी चुनाव आयोग पर हमला कर रही है।"
'हिमाचल, पंजाब, केरल और कर्नाटक में भी आयोग पर सवाल?'
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस से यह भी पूछा कि जिन राज्यों में भाजपा सत्ता में नहीं है, वहां चुनाव आयोग की गतिविधियों को लेकर कांग्रेस का रुख क्या है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश, पंजाब, केरल और कर्नाटक का उदाहरण देते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस इन राज्यों में चुनाव आयोग को क्लीन चिट देती है या वहां भी आयोग के कामकाज पर सवाल उठाती है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग के कामकाज पर राजनीतिक विवाद चल रहा है। रिपोर्टों में दो चुनाव आयुक्तों की ओर से कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी। आयोग ने हालांकि कहा है कि अलग-अलग राय और सुझाव आंतरिक विचार-विमर्श का हिस्सा हैं और SIR समेत उसके अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।
लाहौर अधिवेशन के हवाले पर भी कांग्रेस को घेरा
स्मृति ईरानी ने कांग्रेस द्वारा लाहौर कांग्रेस अधिवेशन का हवाला दिए जाने पर भी निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस के इतिहास और उसके गठन को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को इतिहास के उन पन्नों पर भी नजर डालनी चाहिए, जिनमें एओ ह्यूम की भूमिका का जिक्र मिलता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की स्थापना के पीछे ब्रिटिश शासन की व्यवस्था से जुड़ा संदर्भ था और आज वही पार्टी चुनाव आयोग पर सवाल उठा रही है। स्मृति ईरानी ने इसे कांग्रेस की ओर से इतिहास का हवाला देने के संदर्भ में अनुचित बताया।