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P Gopinathan Nair: गांधीवादी पी गोपीनाथन नायर का निधन, 100 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

Wed, 06 Jul 2022 04:36 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, तिरुवनंतपुरम।
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम। Published by: देव कश्यप Updated Wed, 06 Jul 2022 04:36 AM IST
सार

गांधीवादी विचारों और मूल्यों के लिए प्रसिद्ध नायर कई दशकों से इस दक्षिणी राज्य के सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य में मौजूदगी रखते थे। उन्हें भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने के लिए जेल में डाल दिया गया था।

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Gandhian P Gopinathan Nair dies at 100
पी गोपीनाथन नायर का निधन। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

गांधीवादी विचारक, स्वतंत्रता सेनानी और पद्म श्री से सम्मानित पी गोपीनाथन नायर का मंगलवार को यहां नेय्यात्तिनकारा के एक निजी अस्पताल में आयु संबंधी समस्याओं के कारण निधन हो गया। उनके परिवार के सूत्रों ने यह जानकारी दी। वह 100 वर्ष के थे।‘ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक जताया है। मोदी ने ट्वीट में लिखा, ‘‘पी गोपीनाथन नायर को स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने और गांधीवादी सिद्धांतों में अटूट प्रतिबद्धता के लिए याद किया जाएगा। उनके निधन से गहरा धक्का पहुंचा है। मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं।’

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पद्म श्री’ गोपीनाथन नायर के परिवार में पत्नी सरस्वती अम्मा, पुत्र एम. पद्मनाभ पिल्लई और पुत्री केपी जानकी अम्मा हैं। गांधीवादी विचारों और मूल्यों के लिए प्रसिद्ध नायर कई दशकों से इस दक्षिणी राज्य के सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य में मौजूदगी रखते थे। 
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7 जुलाई, 1922 को नेय्यात्तिनकारा में जन्मे नायर ने अपने कॉलेज के दिनों में स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेकर अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। उन्हें भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लेने के लिए जेल में डाल दिया गया था। युवावस्था से ही महात्मा गांधी के उत्साही प्रशंसक और अनुयायी, नायर को त्रावणकोर रियासत की अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपिता से मिलने का मौका मिला था। बाद में उन्होंने गांधीवादी विचारधाराओं के प्रचार के लिए देशभर में यात्रा की थी।
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नायर ने विनोबा भावे द्वारा ऐतिहासिक भूदान आंदोलन (भूमि उपहार आंदोलन) में भाग लिया और कई वर्षों तक गांधीजी के सेवाग्राम आश्रम के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था। उन्होंने दशकों तक राज्य स्थित गांधी स्मारक निधि का भी संचालन किया। अपनी बढ़ती उम्र के बावजूद नायर कुछ समय पहले तक सार्वजनिक जीवन में सक्रिय थे। राष्ट्र ने उन्हें 2016 में पद्म श्री से सम्मानित किया।

उनके निधन पर नेताओं ने राजनीतिक सीमाओं से परे जाकर गांधीवादी नायर के निधन पर शोक व्यक्त किया। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में वर्णित किया, जिन्होंने व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में गांधीवादी मूल्यों और सिद्धांतों को आत्मसात किया था। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि नायर हमेशा गांधीवादी आंदोलनों के प्रेरणा स्रोत रहे हैं।


कांग्रेस के दिग्गज नेता एके एंटनी ने उन्हें राज्य में रहने वाले सबसे महान गांधीवादियों में से एक और महात्मा के सिद्धांतों के प्रचार के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित करने वाले व्यक्ति के रूप में याद किया। राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीसन, मंत्री और विधायक स्वतंत्रता सेनानी के निधन पर शोक व्यक्त करने वालों में शामिल थे।

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