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अन्ना ने रखी आंदोलन की नींव, दिसंबर तक दिल्ली में शुरू होगा आंदोलन

Mon, 02 Oct 2017 05:58 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
टीम डिजिटल/अमर उजाला Updated Mon, 02 Oct 2017 05:58 PM IST
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Gandhi Jayanti Anna Hazare one day Satyagraha delhi rajghat Mahatma Gandhi lokpal
अन्ना हजारे - फोटो : ANI
समाज सेवी अन्ना हजारे एक बार फिर दिल्ली से जनलोकपाल कानून के लिये हुंकार भरेंगे। आंदोलन की पूरी रूपरेखा तैयार करने के लिये अन्ना ने आगामी 7-8 अक्तूबर को रालेगांव सिद्धि में अपने समथकों की बैठक बुलायी है। अन्ना ने दावा किया कि उम्मीदन साल के आखिर तक आंदोलन की शुरुआत हो जायेगी। इसी कड़ी में अन्ना ने सोमवार को राजघाट पर उन्होंने आंदोलन की नींव भी डाली। वहीं, आंदोलन के रास्ते पर दुबारा चल पडने की वजह बताते हुये अन्ना ने प्रधानमंत्री को एक पत्र भी लिखा है। 
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राजघाट पर एक दिवसीय अनशन खत्म करने के बाद मीडिया से बात करते हुये अन्ना हजारे ने कहा कि तीन साल पहले देशवासियों ने भाजपा को बड़ी उम्मीद से वोट दिया था। लोगों को लगा था कि भ्रष्टाचारमुक्त भारत के लिये लोकपाल व लोकायुक्त की नियुक्ति होगी, काला धन 30 दिन में वापस आयेगा, किसानों की आत्महत्या रूकेगी। महिलाओं को सुरक्षा होगी। अन्ना हजारे ने दो टूक शब्दों कहा कि बीते तीन सालों में हालात में कोई बदलाव नहीं हुआ। फेरबदल सिर्फ सत्ता में हुआ है। 
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अन्ना हजारे के मुताबिक, न लोकपाल-लोकायुक्त नियुक्त हुआ और न  ही काला धन वापस आया। पैदावार का उचित दाम न मिलने से आत्महत्या करने वाले किसानों की संख्या बढ़ रही है। भ्रष्टाचार रोजाना बढ़ता जा रहा है। फोब्र्स की रिपोर्ट बताती है कि भारत एशिया के सबसे भ्रष्ट देशों में से हैं। भ्रष्टाचार पर इसी तरह की रैंकिंग दूसरी वैश्विक संस्थानों ने भी दी है।      
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केजरीवाल पर भड़के अन्ना

Gandhi Jayanti Anna Hazare one day Satyagraha delhi rajghat Mahatma Gandhi lokpal
अन्‍ना हजारे
केंद्र सरकार पर लोकपाल कानून को कमजोर करने का अरोप लगाते हुये अन्ना हजारे ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार मिटाने के लिए कुछ भी नहीं किया। यहां तक कि बीते साल जुलाई में लोकपाल व लोकायुक्त कानून की धारा 44 में संशोधन करके अधिकारियों के परिवारिक सदस्यों संपत्ति की जानकारी देने के प्रावधान को हटा दिया गया। हैरानी की बात यह है कि इसके लिये संसद में बहस तक नहीं हुयी। उलटे तीन में ही संशोधन प्रभावी कर दिया गया। अन्ना ने तंज कसा कि हालांकि, तीन साल में सरकार लोकपाल की नियुक्ति नहीं कर सकी है। अन्ना ने आरोप लगाया कि इसी तरह के दूसरे कानून भी बनाये गये, जिससे भ्रष्टाचार को संरक्षण मिलता है।     
        
आखिर में अन्ना हजारे ने कहा कि वह बेहद दुखी मन से दुबारा आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। रालेगांव में इसकी रणनीति तैयार करने के लिये 7 व 8 अक्तूबर को कार्यकर्ताओं की बैठक बुलायी गयी है। इस साल के आखिर तक भ्रष्टाचार मुक्त भारत के लिये दिल्ली से आंदोलन शुरू होगा। प्रधानमंत्री के जवाब की प्रतीक्षा किये आंदोलन शुरू करने की चेतावनी पर अन्ना ने कहा कि पिछले तीन सालों में उन्होंने कई पत्र लिखे हैं। लेकिन प्रधानमंत्री के पास उन जैसे सामान्य आदमी के पत्रों का जवाब देने का वक्त नहीं हैं। वह जवाब बड़े-बड़े लोगों व उद्योगपतियों को शायद जवाब देते होंगे।            
          
केजरीवाल पर भड़के अन्ना
अन्ना हजारे ने अपने पूर्व सहयोगियों को भी कटघरे में खड़ा किया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बारे में उनका कहना था कि पहली बात तो यह कि केजरीवाल मुझे पूछेंगे नहीं, और अगर बात भी की तो वह केजरीवाल से पांच कदम की दूरी बनाये रखेंगे। 

अन्ना हजारे ने कहा कि लोकपाल का इतना बड़ा आंदोलन हुआ, उसमें शामिल लोग मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल व केंद्रीय मंत्री बन गये। लेकिन सबने जनलोकपाल कानून को ताक पर रख दिया। अन्ना ने कहा कि इस बार ऐसी गलती से बचने के लिये आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों से बांड भरवाया जा रहा है, जिसमें उनको शपथ दिलायी जा रही है कि वह आंदोलन का फायदा लेकर राजनीति में कभी शामिल नहीं होंगे। 

अन्ना ने चेतावनी दी कि अगर कोई ऐसा करता है कि तो उसके खिलाफ अदालत में मामला दर्ज करायेंगे।    
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