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Jammu-Kashmir: जम्मू-कश्मीर में कहां से घुसे इतने पाकिस्तानी आतंकी? 141 सक्रिय दहशतगर्दों में से 59 लोकल और 82 विदेशी
सार
सेना एवं दूसरे सुरक्षा बलों का दावा है कि हाल-फिलहाल कोई बड़ी घुसपैठ नहीं हुई है। इसके बावजूद वहां पर लोकल दहशतगर्दों के मुकाबले, विदेशी आतंकियों की संख्या (पाकिस्तानी) ज्यादा होना, कई बड़े सवाल खड़े करता है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : Social Media
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में मौजूद आतंकियों पर सुरक्षा बलों का शिकंजा कसता जा रहा है। बहुत कम अंतराल पर हो रहे 'एनकाउंटर' में आतंकी ढेर हो रहे हैं। साल 2022 में 30 जून तक 125 आतंकी मारे जा चुके हैं। इस अवधि में 172 आतंकी/संदिग्ध पकड़े गए हैं।
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अकेले जून में ही 34 आतंकी मारे गए हैं। खास बात ये है कि इस वर्ष मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों में 34 विदेशी हैं, बाकी लोकल हैं। इस साल 69 युवा, विभिन्न आतंकी तंजीमों में भर्ती हुए हैं। 2021 में कुल 142 आतंकी भर्ती हुए थे। जम्मू-कश्मीर में अब 141 सक्रिय आतंकी हैं, जिनमें 59 लोकल और 82 विदेशी आतंकी शामिल हैं।
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सेना एवं दूसरे सुरक्षा बलों का दावा है कि हाल-फिलहाल कोई बड़ी घुसपैठ नहीं हुई है। इसके बावजूद वहां पर लोकल दहशतगर्दों के मुकाबले, विदेशी आतंकियों की संख्या (पाकिस्तानी) ज्यादा होना, कई बड़े सवाल खड़े करता है।
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जम्मू-कश्मीर में मारे गए आतंकी
| साल | आतंकी मारे गए |
| 2018 | 185 |
| 2019 | 148 |
| 2020 | 215 |
| 2021 | 146 |
| 2022 | 125 (जून तक) |
आतंकी/संदिग्ध पकड़े गए
| साल | पकड़े गए संदिग्ध/आतंकी |
| 2018 | 184 |
| 2019 | 164 |
| 2020 | 251 |
| 2021 | 146 |
| 2022 | 172 (जून तक) |
सरेंडर करने वाले आतंकी
| साल | सरेंडर करने वाले आतंकी |
| 2018 | 01 |
| 2019 | 00 |
| 2020 | 08 |
| 2021 | 02 |
| 2022 | 02 (जून तक) |
आतंकियों के पास से जब्त घातक हथियार
| साल | आतंकियों के पास से जब्त हथियार |
| 2018 | 242 |
| 2019 | 192 |
| 2020 | 360 |
| 2021 | 201 |
| 2022 | 160 (जून तक) |
तब उसे सक्रिय आतंकी मान लिया जाता है ...
जम्मू-कश्मीर पुलिस एवं सुरक्षा बल, लोकल आतंकियों का सरेंडर कराने के लिए हर संभव प्रयास करते हैं। हालांकि इसमें ज्यादा सफलता नहीं मिल सकी है। आतंकियों द्वारा सरेंडर करने के मामले देखें तो पता चलता है कि 2018 में एक, 2019 में कोई नहीं, 2020 में 8, 2021 में 2 और 2022 में केवल दो आतंकियों ने सरेंडर किया है। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों से जुड़े एक अधिकारी बताते हैं कि वहां पर जब कोई युवा गायब हो जाता है तो गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की जाती है। जम्मू कश्मीर पुलिस, लापता हुए युवक का पता लगाने का प्रयास करती है। दो तीन सप्ताह बाद असल खेल शुरु होता है। एक तरफ गुमशुदा युवक के परिजन और पुलिस उसे खोज रही होती है और दूसरी ओर तभी उस युवक की तस्वीर सोशल मीडिया पर आ जाती है। तस्वीर में वह युवक किसी आतंकी संगठन के सदस्य के तौर पर हथियार लहराता हुआ नजर आता है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों द्वारा उसे सक्रिय आतंकी मान लिया जाता है।
2022 में मारे गए आतंकियों में लोकल एवं विदेशी (पाकिस्तानी)
| महीना | लोकल आतंकी | विदेशी आतंकी |
| जनवरी | 12 | 08 |
| फरवरी | 07 | 00 |
| मार्च | 11 | 02 |
| अप्रैल | 16 | 08 |
| मई | 17 | 10 |
| जून | 28 | 06 |
मुख्यधारा में लौटने की बात कहने वालों को यूं फंसाते हैं आतंकी
अधिकारी के मुताबिक, आतंकी संगठनों को यह बात अच्छे से मालूम होती है कि पुलिस और परिजन, लापता युवक की खोजबीन में लगे हैं। घाटी में कई ऐसे उदाहरण मौजूद हैं, जिनमें कई युवा कुछ समय बाद ही हथियार छोड़कर दोबारा से मुख्यधारा में शामिल हो गए। आतंकी संगठन, गुमराह युवक का ब्रेनवॉश कर देते हैं। इसके बाद जब उन्हें लगता है कि वह युवक अभी भी पूरी तरह से आतंक की राह पर चलने को तैयार नहीं है और वह मुख्यधारा में लौटना चाहता है तो वे उस युवक का आतंकी संगठन के साथ फोटो वायरल कर देते हैं। इसके बाद वह युवक अधर में फंस जाता है। हथियार के साथ जैसे ही उसका फोटो सार्वजनिक होता है तो पुलिस उसका नाम, सक्रिय आतंकियों की सूची में डाल देती है। ऐसे में वह युवक, चाह कर भी मुख्यधारा में वापसी नहीं कर पाता। पिछले चार साल में महज दर्जनभर आतंकियों का सरेंडर, आतंकी संगठनों की इस कहानी पर मुहर लगाता है।
जम्मू-कश्मीर में आतंकियों की भर्ती
| साल | आतंकी |
| 2018 | 187 |
| 2019 | 121 |
| 2020 | 181 |
| 2021 | 142 |
| 2022 | 69 (5 जुलाई तक) |
(नोट: जम्मू-कश्मीर में अभी 141 सक्रिय आतंकियों की मौजूदगी है। इनमें 59 लोकल हैं और 82 पाकिस्तानी यानी विदेशी आतंकी शामिल हैं।)
2022: मुठभेड़ में किस तंजीम के कितने आतंकी मारे गए
| तंजीम | लोकल | विदेशी |
| एचएम | 16 | 00 |
| एलईटी/टीआरएफ | 58 | 14 |
| जेईएम | 13 | 16 |
| टीयूएम | 00 | 00 |
| पहचान नहीं | 03 | 04 |
| अल-बदर | 00 | 00 |
| एजीयूएच | 00 | 00 |
| आईएस/जेके | 01 | 00 |
| एलईएम | 00 | 00 |
| कुल | 91 | 34 |
लोकल युवाओं की भर्ती रोकने के लिए कार्ययोजना तैयार
मई में कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने कहा था कि सामाजिक संगठनों एवं विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के सहयोग से आतंकी संगठनों में लोकल युवाओं की भर्ती रोकने के लिए एक कार्ययोजना तैयार की गई है। उन लोगों का पता लगाया जा रहा है जो युवाओं को आतंकी बनने के लिए उकसाते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ जन सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है। कुलगाम में बुधवार को एक मुठभेड़ के दौरान दो आतंकियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। वे हाल ही में लश्कर फ्रंट-टीआरएफ समूह में भर्ती हुए थे। सरेंडर के लिए सुरक्षाबलों ने दोनों युवाओं के माता-पिता से भी मदद ली। नए भर्ती हुए आतंकवादियों में नदीम अब्बास भट निवासी रेशीपुरा कैमोह और कफील मीर, निवासी मीरपुरा कैमोह शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन युवाओं का ब्रेनवॉश किया गया था। कश्मीर के आईजी विजय कुमार ने कहा, अगर सभी माता-पिता अपने बच्चों से हिंसा का रास्ता छोड़कर सरेंडर करने की अपील करें तो अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। अब दो आतंकियों ने आत्मसमर्पण किया है तो उनका भी जीवन बच गया।