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अगले साल से सभी विश्वविद्यालयों में स्नातक के लिए एक ही प्रवेश परीक्षा, होंगे ये फायदे
Thu, 24 Sep 2020 04:25 AM IST
Rajeev Rai
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली।
सीमा शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: Rajeev Rai
Updated Thu, 24 Sep 2020 04:25 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
देशभर में सभी विश्वविद्यालयों में स्नातक पाठ्यक्रम में 2021 से एक ही संयुक्त प्रवेश परीक्षा से दाखिले होंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अगले साल से विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में स्नातक में प्रवेश के लिए कंप्यूटर आधारित प्रवेश परीक्षा कराने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत सामान्य डिग्री के लिए एक परीक्षा होगी। दूसरी विज्ञान, मानविकी, भाषा, कला और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों पर आधारित विषयों में दाखिले के लिए कॉमन एप्टीट्यूड टेस्ट होगा। यह प्रवेश परीक्षा साल में एक या दो बार होगी।
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एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, प्रवेश परीक्षा कराने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को दी गई है। प्रवेश परीक्षा की योजना बनाने में विश्वविद्यालयों की भी राय ली जाएगी। नई नीति में उच्च शिक्षा में भी बदलाव किए जा रहे हैं। यूजीसी, एआईसीटीई, एनसीटीई की बजाय उच्च शिक्षा के लिए पूरे देश में एक नियामक होगा। सभी तकनीकी और सामान्य विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम और प्रोग्राम की समीक्षा होगी। नए विषयों के तहत प्रवेश परीक्षा की रूपरेखा तय की जाएगी। इसमें तीन और चार साल की डिग्री वाले प्रोग्राम होेंगे। इसी के तहत विशेष विषयों के लिए अलग प्रवेश परीक्षा होगी।
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कटऑफ के भार और अलग-अलग आवेदन से निजात
एक प्रवेश परीक्षा से छात्रों और अभिभावकों को राहत मिलेगी। इससे डीयू जैसे विश्वविद्यालयों में सौ फीसदी कटऑफ और अलग-अलग आवेदन तथा प्रवेश परीक्षा से भी निजात मिलेगी। अब एक आवेदन पर सभी विश्वविद्यालयों में दाखिले, डिग्री प्रोग्राम, फीस, सीट आदि की जानकारी मिलेगी।
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पहले केंद्रीय विश्वविद्यालय जोड़े जाएंगे
योजना के पहले चरण में सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों को जोड़ा जाएगा। इसके बाद अन्य विश्वविद्यालय और कॉलेजों को जोड़ा जाना है। इसके लिए बाकायदा सरकार राज्य सरकारों के साथ बैठक करेगी ताकि सही जानकारी दी जा सके।