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Parliament Special Session: गणेश चतुर्थी की पूजा, कर्मचारियों की बदली पोशाक, नए संसद भवन में क्या-क्या होगा?

Wed, 13 Sep 2023 05:09 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Wed, 13 Sep 2023 05:09 PM IST
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सार
Parliament Special Session: संसद के विशेष सत्र की कार्यवाही 18 सितंबर को पुराने भवन में ही शुरू होगी। वहीं, 19 सितंबर से नए संसद भवन में संसद की कार्यवाही होगी। 19 सितंबर को नए संसद भवन में कार्यवाही की शुरुआत से पहले एक विशेष पूजा भी होगी। 
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From Ganesh Chaturthi to changed attire of employees new things in the new Parliament building
संसद का विशेष सत्र - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

18 सितंबर से संसद का विशेष सत्र शुरू हो रहा है। 18 से 22 सितंबर तक चलने वाले इस सत्र में पहले दिन को छोड़कर बाकी दिन की कार्रवाई नए संसद भवन में होगी। गणेश चतुर्थी के दिन नए भवन में कार्यवाही की शुरुआत होगी। इस बीच संसद के कर्मचारियों और मार्शल के ड्रेस कोड में भी बदलाव किया जाएगा। कर्मचारियों की नई ड्रेस पर विवाद भी शुरू हो गया है।


संसद के विशेष सत्र को लेकर क्या तैयारियां चल रही हैं? कर्मचारियों की ड्रेस में क्या बदलाव होने जा रहा है? इस पर विपक्ष क्यों एतराज जता रहा है? संसद के विशेष सत्र में क्या-क्या होने की उम्मीद है? आइये जानते हैं…

संसद
संसद - फोटो : अमर उजाला
संसद के विशेष सत्र को लेकर क्या तैयारियां की जा रही हैं? 
लोकसभा सचिवालय के बुलेटिन के मुताबिक, 17वीं लोकसभा का 13वां संसद सत्र सोमवार 18 सितंबर 2023 को शुरू होगा। वहीं, राज्यसभा सचिवालय ने बताया कि राज्यसभा का 261वां सत्र भी सोमवार 18 सितंबर से ही शुरू होगा। दोनों सदनों का यह सत्र प्रश्नकाल या निजी सदस्यों के कामकाज के बिना आयोजित किया जाएगा। 

संसद के विशेष सत्र की कार्यवाही 18 सितंबर को पुराने भवन में ही शुरू होगी। वहीं, 19 सितंबर से नए संसद भवन में संसद की कार्यवाही होगी। 19 सितंबर को नए संसद भवन में कार्यवाही की शुरुआत से पहले एक विशेष पूजा भी होगी। नए संसद भवन का उद्घाटन  इसी साल 28 मई को पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था। 

New Dress Code For Parliament Staff
New Dress Code For Parliament Staff - फोटो : Amar Ujala
ड्रेस को लेकर क्या बदलाव हुए हैं?
दोनों सदनों में मौजूद रहने वाले मार्शल अब सफारी सूट की बजाए क्रीम रंग का कुर्ता और पजामा पहनेंगे। मार्शल मणिपुरी पगड़ी पहने हुए दिखाई दे सकते हैं। जबकि महिला कर्मचारी भी नई साड़ियों में नजर आ सकती हैं। कहा गया कि मार्शल और अन्य कर्मचारी भी करीब डेढ़ दशक से अपनी यूनिफॉर्म में बदलाव करने की मांग कर रहे थे।

जानकारी के अनुसार, संसद भवन के कर्मचारियों के नई पोशाक को राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) ने डिजाइन किया है। इसके तहत सचिवालय के कर्मचारियों के बंद गले के सूट को बदल कर मैजेंटा या गहरे गुलाबी रंग की जैकेट कर दी जाएगी। इनकी शर्ट भी गहरे गुलाबी रंग के होगी, जिस पर कमल के फूल की डिजाइन होगी। इसके साथ कर्मचारी खाकी रंग की पैंट पहने हुए नजर आएंगे। नए ड्रेस कोड में संसद भवन सचिवालय में रिपोर्टिंग, टेबल ऑफिस, नोटिस ऑफिस, विधायी शाखा और सुरक्षा विभाग के अधिकारी मार्शल शामिल है। अब तक सुरक्षा में लगे कर्मचारी नीले या काले रंग के सफारी सूट पहनते हैं। इसके बजाए उन्हें सैनिकों की तरह कैमोफ्लेज ड्रेस दी जाएगी।

New Dress Code For Parliament Staff
New Dress Code For Parliament Staff - फोटो : Amar Ujala
ड्रेस पर विवाद क्यों?
नए ड्रेस कोड के साथ ही नया विवाद भी शुरू हो गया है। केंद्र में भाजपा सरकार है। पार्टी का चुनाव चिह्न कमल का निशान है। ऐसे में कर्मचारियों की ड्रेस पर कमल के फूल की डिजाइन ने नए विवाद को जन्म दे दिया है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस डिजाइन को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। 

कांग्रेस के लोकसभा सांसद मनिकम टैगोर ने भाजपा पर संसद को एकतरफा पक्षपातपूर्ण चीज बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने एक एक्स पोस्ट में कहा, 'केवल कमल ही क्यों? मोर क्यों नहीं या बाघ क्यों नहीं? ओह, ये बीजेपी के चुनाव चिह्न नहीं हैं।' 

Rajya Sabha
Rajya Sabha - फोटो : ANI
विशेष सत्र में क्या होगा?
पांच दिवसीय विशेष सत्र में क्या होगा, इस पर कयासबाजी जारी है। इस विशेष सत्र को बुलाने के पीछे सरकार की मंशा को लेकर विपक्ष द्वारा भी तमाम तरह के प्रश्न खड़े किए जा रहे हैं। एक देश एक चुनाव से लेकर समान नागरिक संहिता तक को लेकर चर्चा हो रही है। सबसे ज्यादा चर्चा एक देश एक चुनाव पर है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई बार एक देश, एक चुनाव कराने की बात कहते रहे हैं। सत्ता पक्ष का कहना है कि बार-बार चुनाव कराने से देश पर अनावश्यक खर्च बढ़ता है और सरकारों पर दबाव रहता है। यदि पांच साल में एक ही बार चुनाव हों तो सरकारें इस दबाव से मुक्त होकर जनहित के निर्णय ले सकेंगी। इस बीच संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सत्र में इस विषय पर केवल चर्चा होगी। कहा यह भी जा रहा है कि मोदी सरकार संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक ला सकती है। विपक्षी गठबंधन इंडिया के घटक दलों को इसकी आहट है।

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़।
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़। - फोटो : वीडियो स्क्रीनग्रैब@VPIndia
उपराष्ट्रपति के बयान से मिला बल
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के उस बयान से विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक लाए जाने की चर्चा को और बल मिला है, जिसमें उन्होंने कहा कि वो दिन बहुत नजदीक है, जब संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को बराबर प्रतिनिधित्व मिलेगा।

के. कविता
के. कविता - फोटो : ANI
केसीआर की बेटी ने 47 दलों से की समर्थन की अपील
बीआरएस नेता और तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता ने 47 राजनीतिक दलों को पत्र भेजकर अपील की है कि विशेष सत्र में लंबे समय से अटके महिला आरक्षण विधेयक को पारित कराने में मदद करें। बता दें, यह बिल वर्ष 2010 में यूपीए सरकार ने राज्यसभा से पास करा लिया था, लेकिन क्षेत्रीय दलों के विरोध से लोकसभा में पास नहीं हो सका था।
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