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Protest: दही-चावल से लेकर गाजर के हलवे तक, 50 घंटे के धरने के दौरान सांसदों को मिलेंगे यह क्षेत्रीय व्यंजन
Wed, 27 Jul 2022 11:20 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 27 Jul 2022 11:20 PM IST
सार
विपक्षी पार्टियों ने फैसला किया है कि वे सांसदों के भोजन के लिए क्षेत्रीय व्यंजनों की व्यवस्था करने की कोशिश करेंगे। बुधवार को द्रमुक सांसद तिरुचि शिवा की ओर से सांसदों के लिए नाश्ते में इंडली-सांभर की व्यवस्था की गई थी।
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संसद परिसर में धरने पर विपक्षी दलों के सांसद
- फोटो : ANI
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विस्तार
मानसून सत्र के दौरान सांसदों के निलंबन के खिलाफ विपक्षी पार्टियां पचास घंटे का नॉनस्टाप धरना कर रही हैं। इन सांसदों की मांग है कि मूल्य वृद्धि को लेकर संसद में चर्चा की जाए। लेकिन इन्हीं सांसदों के धरने के लिए अब विपक्षी पार्टियों के द्वारा खास भोजन की व्यवस्था की जा रही है। इसमें दही-चावल, इडली-सांभर, चिकन तंदूरी से लेकर गाजर का हलवा और फल शामिल हैं।
धरने में बैठे लोगों के लिए भोजन की जिम्मेदारी के लिए विपक्षी दलों ने एकजुटता और राजनीतिक प्रदर्शन के रूप में ड्यूटी रोस्टर भी बनाया है। यह रोस्टर अब वॉट्सएप ग्रुप्स में खूब प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें सभी को दिन की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी जा रही है।
20 निलंबित सांसदों ने बुधवार को संसद परिसर के अंदर विरोध शुरू कर दिया। सूत्रों ने कहा कि विपक्ष ने सभापति के उस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है जिसमें कहा गया था कि वे निलंबन को रद्द करने के लिए सदन में अपने व्यवहार पर खेद व्यक्त कर सकते हैं।
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मानसून सत्र के दौरान निलंबित तृणमूल कांग्रेस सांसद डोला सेन ने कहा बताया कि सांसद, गांधी प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और रातभर वहीं रहेंगे।
इन पार्टियों के सांसद हुए निलंबित
सोमवार और मंगलवार को निलंबित किए गए सांसदों में टीएमसी के सात, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के छह, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के तीन, भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी मार्क्सवादी (सीपीआईएम) के दो और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), आम आदमी पार्टी (आप) के एक-एक सांसद शामिल हैं।
विरोध प्रदर्शन में ये पार्टियां शामिल
विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाली पार्टियों में टीएमसी, डीएमके, आप, टीआरएस, सपा, शिवसेना, सीपीआईएम, सीपीआई, जेएमएम और केरल कांग्रेस शामिल हैं।
सूत्रों ने कहा कि पार्टियों ने फैसला किया है कि वे सांसदों के भोजन के लिए क्षेत्रीय व्यंजनों की व्यवस्था करने की कोशिश करेंगे। बुधवार को द्रमुक सांसद तिरुचि शिवा की ओर से सांसदों के लिए नाश्ते में इंडली-सांभर की व्यवस्था की गई थी। दही-चावल के साथ लंच का भी इंतजाम द्रमुख ने किया था। वहीं टीएमसी के सौजन्य से रात के खाने के मैन्यु में रोटी, दाल, पनी और चिकन तंदूरी है।
गाजर का हलवा लेकर धरनास्थल पहुंची कनिमोझी
रोस्टर की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली द्रमुक की कनिमोझी 'गाजर का हलवा' लेकर धरनास्थल पर आईं, जबकि टीएमसी ने फलों और सैंडविच की व्यवस्था की। गुरुवार को नाश्ते की जिम्मेदारी द्रमुक की होगी, दोपहर के भोजन के लिए टीआरएस और रात के खाने की व्यवस्था आप करेगी। सांसदों को चिलचिलाती धूप से बचाने के लिए तम्बू लगाने की जिम्मेदारी आप की है लेकिन अधिकारियों ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि जिन लोगों को निलंबित किया गया है, उनके समर्थन में एक से दो घंटे तक धरना स्थल पर बारी-बारी से पार्टियों के नेताओं ने बैठने का जिम्मा अपने ऊपर लिया है।
समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ मांझी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने एकजुटता के प्रतीक के रूप में विरोध करने वाले सांसदों के साथ बैठने का समय दिया है। हालांकि इन तीनों नेताओं की पार्टियों में से किसी के भी सांसद को निलंबित नहीं किया गया है।
संसद परिसर में नहीं बनाई जा सकती कोई अस्थायी संरचना
हालांकि नेताओं को आसमान के नीचे सोना होगा। संसद परिसर के अंदर अस्थायी रूप से कोई भी संरचना नहीं बनाई जा सकती है इसलिए अधिकारियों द्वारा तम्बू लगाने के उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया जाएगा। विरोध करने वाले सांसद संसद पुस्तकालय के बाथरूम में शौचालय का उपयोग कर सकते हैं।
विपक्षी नेताओं ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे सांसदों के लिए एक सुरक्षा दल और सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था करने के लिए अधिकारियों ने उनका पूरा सहयोग किया है। उनके बाहर निकलने और प्रवेश की भी व्यवस्था की गई है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल जहां सुबह अलग-अलग जगहों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं साम तक ऐसा लग रहा था कि वे महंगाई के मुद्दे पर एक साथ आ गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने धरनास्थल का दौरा किया और कहा कि उनकी पार्टी विपक्षी दलों द्वारा आयोजित धरने में शामिल होगी।
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धरने में बैठे लोगों के लिए भोजन की जिम्मेदारी के लिए विपक्षी दलों ने एकजुटता और राजनीतिक प्रदर्शन के रूप में ड्यूटी रोस्टर भी बनाया है। यह रोस्टर अब वॉट्सएप ग्रुप्स में खूब प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें सभी को दिन की व्यवस्था के बारे में जानकारी दी जा रही है।
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20 निलंबित सांसदों ने बुधवार को संसद परिसर के अंदर विरोध शुरू कर दिया। सूत्रों ने कहा कि विपक्ष ने सभापति के उस प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है जिसमें कहा गया था कि वे निलंबन को रद्द करने के लिए सदन में अपने व्यवहार पर खेद व्यक्त कर सकते हैं।
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मानसून सत्र के दौरान निलंबित तृणमूल कांग्रेस सांसद डोला सेन ने कहा बताया कि सांसद, गांधी प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और रातभर वहीं रहेंगे।
इन पार्टियों के सांसद हुए निलंबित
सोमवार और मंगलवार को निलंबित किए गए सांसदों में टीएमसी के सात, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के छह, तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के तीन, भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी मार्क्सवादी (सीपीआईएम) के दो और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), आम आदमी पार्टी (आप) के एक-एक सांसद शामिल हैं।
विरोध प्रदर्शन में ये पार्टियां शामिल
विरोध प्रदर्शन में शामिल होने वाली पार्टियों में टीएमसी, डीएमके, आप, टीआरएस, सपा, शिवसेना, सीपीआईएम, सीपीआई, जेएमएम और केरल कांग्रेस शामिल हैं।
सूत्रों ने कहा कि पार्टियों ने फैसला किया है कि वे सांसदों के भोजन के लिए क्षेत्रीय व्यंजनों की व्यवस्था करने की कोशिश करेंगे। बुधवार को द्रमुक सांसद तिरुचि शिवा की ओर से सांसदों के लिए नाश्ते में इंडली-सांभर की व्यवस्था की गई थी। दही-चावल के साथ लंच का भी इंतजाम द्रमुख ने किया था। वहीं टीएमसी के सौजन्य से रात के खाने के मैन्यु में रोटी, दाल, पनी और चिकन तंदूरी है।
गाजर का हलवा लेकर धरनास्थल पहुंची कनिमोझी
रोस्टर की योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली द्रमुक की कनिमोझी 'गाजर का हलवा' लेकर धरनास्थल पर आईं, जबकि टीएमसी ने फलों और सैंडविच की व्यवस्था की। गुरुवार को नाश्ते की जिम्मेदारी द्रमुक की होगी, दोपहर के भोजन के लिए टीआरएस और रात के खाने की व्यवस्था आप करेगी। सांसदों को चिलचिलाती धूप से बचाने के लिए तम्बू लगाने की जिम्मेदारी आप की है लेकिन अधिकारियों ने इसकी अनुमति देने से इनकार कर दिया।
सूत्रों ने बताया कि जिन लोगों को निलंबित किया गया है, उनके समर्थन में एक से दो घंटे तक धरना स्थल पर बारी-बारी से पार्टियों के नेताओं ने बैठने का जिम्मा अपने ऊपर लिया है।
समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ मांझी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने एकजुटता के प्रतीक के रूप में विरोध करने वाले सांसदों के साथ बैठने का समय दिया है। हालांकि इन तीनों नेताओं की पार्टियों में से किसी के भी सांसद को निलंबित नहीं किया गया है।
संसद परिसर में नहीं बनाई जा सकती कोई अस्थायी संरचना
हालांकि नेताओं को आसमान के नीचे सोना होगा। संसद परिसर के अंदर अस्थायी रूप से कोई भी संरचना नहीं बनाई जा सकती है इसलिए अधिकारियों द्वारा तम्बू लगाने के उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया जाएगा। विरोध करने वाले सांसद संसद पुस्तकालय के बाथरूम में शौचालय का उपयोग कर सकते हैं।
विपक्षी नेताओं ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे सांसदों के लिए एक सुरक्षा दल और सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था करने के लिए अधिकारियों ने उनका पूरा सहयोग किया है। उनके बाहर निकलने और प्रवेश की भी व्यवस्था की गई है।
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल जहां सुबह अलग-अलग जगहों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं साम तक ऐसा लग रहा था कि वे महंगाई के मुद्दे पर एक साथ आ गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने धरनास्थल का दौरा किया और कहा कि उनकी पार्टी विपक्षी दलों द्वारा आयोजित धरने में शामिल होगी।