ओडिशा की कोयला खदान में हादसा, एक की मौत की आशंका, नौ लोग घायल
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ओडिशा के अंगुल स्थित तालचेर कोयला क्षेत्र में एक खदान में कोयले का ढेर खिसकने से एक खनिक की मौत हो गई है। जबकि कई लोगों के इसमें फंसे होने की आशंका है। वहीं नौ घायल लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बचाव एवं राहत कार्य अभी भी जारी है। ये हादसा कोल इंडिया लिमिटेड माइन में मंगलवार रात करीब 11 बजे हुआ है।
Odisha: One dead, several feared trapped in a landslide at a coal mine in Angul, Odisha. Nine injured have been admitted to a hospital, rescue operation underway. pic.twitter.com/5OiP6QVkbA
— ANI (@ANI) July 24, 2019विज्ञापन
ओडिशा के अनुगुल जिला स्थित तालचेर कोयला क्षेत्र में एक खदान में कोयले का ढेर खिसकने से एक खनिक की मौत हो गई है। नौ खनिक घायल हो गए और चार अन्य के फंसे होने की आशंका है। एमसीएल के एक प्रवक्ता ने बताया कि साथी खनिकों और बचावकर्मियों ने नौ खनिकों को खदान से बाहर निकाला और उन्हें तालचेर में कंपनी के अस्पताल पहुंचाया।
उन्होंने बताया कि चार अन्य खनिकों को निकालने के लिए बचाव कार्य जारी है। एमसीएल के वरिष्ठ अधिकारी बचाव अभियान की निगरानी के लिए अनुगुल जिले के तालचेर पहुंचे।
इस बीच, स्थानीय लोगों ने कहा कि खदान में किए गए एक नियंत्रित विस्फोट के बाद भूस्खलन के कारण यह हादसा हुआ है।
भारत को कोयला खनिकों के लिए खतरनाक देश माना जाता है। सरकारी डाटा के अनुसार कोल इंडिया और सिंगरानी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड द्वारा संचालित खदानों में 2018 में औसतन हर सात दिन में एक खनिक की मौत हुई है। अब भी ये सिलसिला जारी है।
कोल इंडिया की सहायक कंपनी महानदी केलफील्ड लिमिटेड के प्रवक्ता डिक्केन मेहरा का कहना है, प्रतिदिन 20 हजार टन उत्पादन की क्षमता वाली इस खदान को मंगलवार को बंद कर दिया गया है। यहां दोबारा काम संचालित होने में एक हफ्ते का समय लगेगा।
भारत की कई अवैध खदानें हैं, जो सुदूर पहाड़ी इलाकों में भी हैं। ये सुरक्षा के लहजे से बिल्कुल भी ठीक नहीं हैं। साथ ही इनमें सुरक्षा आदि को लेकर आंकड़ों की भी कमी है, क्योंकि अधिकतर मामले रिपोर्ट ही नहीं हो पाते हैं।
बीते साल दिसंबर माह में मेघायल के 15 खनिक अवैध कोयला खदान में फंस गए थे। मेघायल में हजारों कर्मियों जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, की मौत रैट होल खदानों के कारण हुई है।