पश्चिम बंगाल में भीषण बाढ़ से 24 घंटों में चार लोगों की मौत
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पश्चिम बंगाल के तीन जिलों में भीषण बाढ़ से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है। इस प्राकृतिक आपदा से करीब 60 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन मंत्री जावेद खान ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि उत्तर बंगाल के अलीपुरदुआर, कूचबिहार और जलपाईगुड़ी जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान चार लोगों की मौत हो गई। इन जिलों के डेढ़ सौ गांवों में बाढ़ का पानी भर जाने की वजह से 58 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव एस सुरेश कुमार ने बताया कि बाढ़ के पानी में सांप काटने, मकान ढहने या डूबने की वजह से ही लोगों की मौत हुई है। सूत्रों ने बताया कि जलपाईगुड़ी जिला प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी कर दिया है। जिले के डाबग्राम, कालचीनी, चिटमहल, कुमारग्राम और फूलबाड़ी इलाके इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
43 शरणार्थी शिविर खोले हैं
खान ने बताया कि बाढ़ प्रभावित जिलों में पीड़ितों के लिए फिलहाल 43 शरणार्थी शिविर खोले गए हैं, जहां बाढ़ की वजह से बेघर लोगों को रखा गया है। वहां उनको भोजन के अलावा दूसरी राहत सामग्री भी मुहैया कराई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक सिक्किम व भूटान में लगातार भारी बारिश की वजह से डुआर्स की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
इससे कई निचले इलाके पानी में डूब गए हैं। अलीपुरदुआर में एकाध जगह कच्चे तटबंधों में दरार पड़ने की भी खबर है। खान के मुताबिक बाढ़ से लाटागुड़ी और जलदापाड़ा के जंगलों में वन्यजीव भी प्रभावित हुए हैं। नेशनल पार्क के ज्यादातर इलाकों में पानी भर जाने के कारण कई जानवर ऊंची जगह पर चले गए हैं।