10 दिनों में सामने आए 4 बड़े बैंकों के घोटाले, जानिए चारों मामलों में क्या-क्या हुई कार्रवाई
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पंजाब नेशनल बैंक घोटाले के खुलासे के बाद, पब्लिक सेक्टर बैंकों के साथ धोखाधड़ी के मामलों की झड़ी लग गई। एक के बाद एक, कई बैंकों के खुलासे सामने आए हैं। अभी एक घोटाले का आंकलन और जांच पड़ताल पूरी हो भी नहीं पा रही है कि तब तक दूसरे घोटाले की गूंज सुनाई देने लग रही है। आर्थिक नजरिए से देश की अर्थव्यवस्था के लिए यह बुरे संकेत हैं। आइए देखते हैं कि पिछले 10 दिनों में सामने आए 4 बड़े बैंक घोटालों में जांच-पड़ताल किस स्तर तक पहुंची है।
पंजाब नेशनल बैंक घोटाला- 11 हजार 400 करोड़ रुपये
पंजाब नेशनल बैंक ने जनवरी में पहली बार नीरव मोदी और उनके साथियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में उन पर 280 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया गया था। 14 फरवरी को आंतरिक जांच पूरी होने के बाद पंजाब नेशनल बैंक ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज को इस फर्जीवाड़े की जानकारी दी। इसके बाद छापेमारी का दौर शुरू हुआ, जांच एजेंसियों ने अब तक 5 हजार 600 करोड़ की संपत्ति जब्त की है लेकिन सही आकंलन नहीं हो पाया है, क्योंकि नीरव मोदी की जब्त हुई संपत्ति में कुछ हीरे नकली भी हो सकते हैं। हीरों की जांच के बाद ही कोई राशि तय हो पाएगी। फिलहाल सरकार पंजाब नेशनल बैंक घोटाले की रिकवरी के लिए घोटाले से जुड़े सभी आरोपियों की सारी संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई कर रही है।
रोटोमैक घोटाला-3700 करोड़ रुपये
रोटोमैक कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी पर भी आरोप लगा है कि उन्होंने 7 सरकारी बैंकों से 3 हजार करोड़ का लोन लिया और उसे वापस नहीं किया। शनिवार को विक्रम कोठारी और उनके पुत्र को लखनऊ स्थित सीबीआई कोर्ट में पेश किया गया। इसके अलावा आयकर विभाग ने रोटोमैक ग्रुप के 12 खाते अटैच किए हैं। इससे पहले 14 बैंक खाते और चार अचल संपत्तियों को अटैच किया जा चुका है।
ओरियंटल बैंक कॉमर्स - 390 करोड़
अभी दो झटकों से जनता उभर भी नहीं पाई थी कि शुक्रवार 23 फरवरी को एक और बैंक घोटाले का मामला सामने आया। ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के 390 करोड़ का घोटाला सामने आया है। सीबीआई ने इस धोखाधड़ी के मामले में द्वारका दास सेठ इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। बैंक द्वारा शिकायत दर्ज कराने के 6 महीने के बाद यह कार्रवाई हुई।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र - 9.5 करोड़
इधर बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने भी सीबीआई के सामने दिल्ली के एक कारोबारी की शिकायत दर्ज कराई है। एक बिजनेसमैन 9.5 करोड़ रुपये का लोन लेकर फरार हो गया है।