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दुखद: न्यायमूर्ति एम वाई इकबाल का निधन, चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना ने जताया शोक
Fri, 07 May 2021 05:07 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Fri, 07 May 2021 05:07 PM IST
सार
बता दें कि न्यायमूर्ति इकबाल की दिसंबर 2012 में शीर्ष अदालत में नियुक्ति हुई थी। 12 फरवरी 2016 में वह सेवानिवृत्त हुए थे। मई 1996 में वह पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने थे और बाद में 2000 में राज्य के विभाजन के बाद झारखंड के न्यायाधीश बने थे।
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सुप्रीम कोर्ट
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विस्तार
प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) एन वी रमण ने शुक्रवार (7 मई) को न्यायिक कार्यवाही शुरू करने से पहले उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एमवाई इकबाल के निधन पर शोक जताया। बता दें कि न्यायमूर्ति इकबाल (70) का निधन गुरुवार रात दिल्ली के एक निजी अस्पताल में हुआ।
चीफ जस्टिस ने कही यह बात
प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई शुरू होने से पहले पीठ ने कहा कि वह न्यायमूर्ति इकबाल के निधन की खबर से सदमे में हैं। पीठ ने कहा, 'आज की कार्यवाही शुरू करने से पहले एक घोषणा करना चाहता हूं। बार एवं पीठ को यह बताते हुए बेहद दुख हो रहा है कि न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एम वाई इकबाल का निधन हो गया है। बेहद दुखद खबर, दिवंगत आत्मा को शांति मिले।'
जस्टिस इकबाल ने दिए थे ये बड़े फैसले
न्यायमूर्ति इकबाल उस पीठ के सदस्य थे, जिसने अपने फैसले में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत पारदर्शिता कानून के दायरे में आने वाले बैंकों की जानकारी देने के लिए कहा था।
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2012 में सुप्रीम कोर्ट में हुई थी नियुक्ति
बता दें कि न्यायमूर्ति इकबाल की दिसंबर 2012 में शीर्ष अदालत में नियुक्ति हुई थी। 12 फरवरी 2016 में वह सेवानिवृत्त हुए थे। मई 1996 में वह पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने थे और बाद में 2000 में राज्य के विभाजन के बाद झारखंड के न्यायाधीश बने थे। जून 2010 में उन्हें मद्रास उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ने अपने करियर की शुरुआत 1975 में रांची से विधि पेशेवर के रूप में की थी। उनके परिवार में पत्नी, पुत्र और दो बेटियां हैं।
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चीफ जस्टिस ने कही यह बात
प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई शुरू होने से पहले पीठ ने कहा कि वह न्यायमूर्ति इकबाल के निधन की खबर से सदमे में हैं। पीठ ने कहा, 'आज की कार्यवाही शुरू करने से पहले एक घोषणा करना चाहता हूं। बार एवं पीठ को यह बताते हुए बेहद दुख हो रहा है कि न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एम वाई इकबाल का निधन हो गया है। बेहद दुखद खबर, दिवंगत आत्मा को शांति मिले।'
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जस्टिस इकबाल ने दिए थे ये बड़े फैसले
न्यायमूर्ति इकबाल उस पीठ के सदस्य थे, जिसने अपने फैसले में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत पारदर्शिता कानून के दायरे में आने वाले बैंकों की जानकारी देने के लिए कहा था।
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2012 में सुप्रीम कोर्ट में हुई थी नियुक्ति
बता दें कि न्यायमूर्ति इकबाल की दिसंबर 2012 में शीर्ष अदालत में नियुक्ति हुई थी। 12 फरवरी 2016 में वह सेवानिवृत्त हुए थे। मई 1996 में वह पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने थे और बाद में 2000 में राज्य के विभाजन के बाद झारखंड के न्यायाधीश बने थे। जून 2010 में उन्हें मद्रास उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ने अपने करियर की शुरुआत 1975 में रांची से विधि पेशेवर के रूप में की थी। उनके परिवार में पत्नी, पुत्र और दो बेटियां हैं।