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आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने आर्थिक सुस्ती के लिए सरकार को ठहराया जिम्मेदार
Sat, 29 Feb 2020 06:15 AM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Sat, 29 Feb 2020 06:15 AM IST
सार
यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर (वित्त) राजन ने कहा कि भारत ने वित्तीय क्षेत्र को दुरुस्त करने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया है और दुखद है कि इसके चलते सुस्ती बनी हुई है।
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रघुराम राजन (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि सरकार अर्थव्यवस्था की तुलना में अपने राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे पर ज्यादा ध्यान दे रही है। आर्थिक सुस्ती की भी यही अहम वजह है। उन्होंने कहा कि अगर प्रमुख समस्याओं पर ध्यान दिया जाए तो फिर से विकास दर पटरी पर लौट सकती है।
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राजन ने कहा, ‘यह दुखद है। मुझे लगता है कि सुस्ती के लिए राजनीति ही जिम्मेदार है।’ ब्लूमबर्ग टीवी को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि चुनाव में बड़ी जीत के बाद मौजूदा सरकार ‘अपने राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे को पूरा करने पर जोर दे रही है।’ राजन ने कहा, यह दुखद है कि इसके चलते विकास दर में सुस्ती जारी है, जिसके लिए पूर्व में सरकार के नोटबंदी और जीएसटी लागू करने जैसे फैसले जिम्मेदार माने जा रहे थे।
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यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर (वित्त) राजन ने कहा कि भारत ने वित्तीय क्षेत्र को दुरुस्त करने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया है और दुखद है कि इसके चलते सुस्ती बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘इन बातों पर अगर पर्याप्त ध्यान दिया जाए तो और उचित कदम उठाए जाएं तो हालात बदले जा सकते हैं।’
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कोरोनावायरस के असर के सवाल पर उन्होंने कहा कि वैश्विक आपूर्ति चेन को देखें तो निश्चित रूप से कुछ पुरानी समस्याएं होंगी। उन्होंने कहा, ‘यदि कहीं गड़बड़ होती है तो पूरी चेन पर असर पड़ता है।’