चिट्ठी: कोरोना पर मनमोहन ने तोड़ा मौन, पीएम मोदी से कहा- ज्यादा टीकाकरण से ही जीतेंगे 'जंग'
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने लिखा कि कोविड के खिलाफ हमारी लड़ाई एक राष्ट्रीय चुनौती है। हमें टीकाकरण पर ज्यादा जोर देने की जरूरत है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देशभर में कोरोना संक्रमण ने कोहराम मचा रखा है। हर रोज नए मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। अस्पतालों में बेड्स और ऑक्सीजन कम पड़ने लगी है। वहीं कोरोना टीके भी कम पड़ने लगे हैं। इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने लिखा कि कोविड के खिलाफ हमारी लड़ाई एक राष्ट्रीय चुनौती है। हमें टीकाकरण पर ज्यादा जोर देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वैक्सीनेशन के नंबरों के बजाए कितनी फीसदी आबादी का टीकाकरण किया गया है इस पर ध्यान देना चाहिए।
मनमोहन सिंह ने पत्र में लिखा कि पिछले एक साल से भारत समेत पूरी दुनिया कोरोना महामारी की चपेट में है। महामारी ने हजारों लोगों की नौकरियां छीन ली।, लाखों लोगों को गरीबीरेखा में लाकर खड़ा कर दिया। शहरों में रह रहे बच्चों से मिलने के लिए माता-पिता तरस रहे हैं । दादा-दादी ने अपने पोते-पोतियों को नहीं देखा है। एक साल से शिक्षकों ने अपने बच्चों को क्लासरूम में नहीं देखा। लोग हैरान और परेशान हैं। सबके मन में एक ही सवाल है कि आखिर उनका जीवन कबतक सामान्य होगा। कोरोना से लड़ने के लिए हमें कई चीजों पर ध्यान देने की आवश्यकता है। लेकिन इस प्रयास का एक बड़ा हिस्सा टीकाकरण अभियान को तेज करना होगा। मुझे आशा है कि मेरे सुझावों पर अमल होगा।
Former PM Dr Manmohan Singh writes PM Narendra Modi, "The key to our fight against COVID19 must be ramping up the vaccination effort. We must resist the temptation to look at the absolute numbers being vaccinated, and focus instead on the percentage of the population vaccinated" pic.twitter.com/OiDXnngIJ8
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 18, 2021
पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन की जरूरत
मनमोहन सिंह ने पत्र में टीके की खुराक का ऑर्डर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले तो यह जानकारी होनी चाहिए कि तमाम वैक्सीन उत्पादक कितने वैक्सीन की खुराक उपलब्ध कराएंगे और अगले छह महीनों में वैक्सीनेशन का टारगेट पूरा कर लेंगे। अगर नहीं तो हमें पहले से ही प्रचुर मात्रा में वैक्सीन स्टोर करने पर विचार करना चाहिए। बता दें कि देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 2,61,500 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद कोविड-19 के कुल मामले बढ़कर 1,47,88,109 हो गए।