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केरलम: पूर्व राज्यपाल ने की पीएससी चेयरमैन को हटाने की सिफारिश, राष्ट्रपति को लिखे पत्र में क्या आरोप लगाया?

Sun, 25 Oct 2026 07:31 PM IST
अमन मौर्या पीटीआई, तिरुवनंतपुरम, केरलम
पीटीआई, तिरुवनंतपुरम, केरलम Published by: अमन मौर्या Updated Sun, 25 Oct 2026 07:31 PM IST
सार

केरलम के पूर्व राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने तमिलनाडु तबादले से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर केरल लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के चेयरमैन एमआर बैजू को हटाने की सिफारिश की है। यह कदम भर्ती में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद उठाया गया है।

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former Keralam Governor Rajendra Vishwanath Arlekar recommends removal of psc chairman mr baiju
राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केरलम के पूर्व राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने, तमिलनाडु स्थानांतरित होने से पहले अपने कार्यकाल के दौरान, केरल लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के चेयरमैन एमआर बैजू को हटाने की सिफारिश की है। यह कदम भर्ती संस्था में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद उठाया गया है। अर्लेकर हाल ही तक केरलम के राज्यपाल थे और तमिलनाडु का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रहे थे, जिसके बाद उनका तबादला पड़ोसी राज्य (तमिलनाडु) में कर दिया गया। अब उनकी जगह ओम प्रकाश माथुर ने राज्यपाल का पद संभाला है।
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लोकभवन के सूत्रों के अनुसार, अर्लेकर ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक पत्र लिखकर बैजू को हटाने की सिफारिश की है। पत्र में अनियमितताओं के आरोपों और इस वैधानिक संस्था के कामकाज की जांच का हवाला दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य के इतिहास में ऐसा कदम पहले कभी नहीं देखा गया। केरल पीएससी, राज्य में सरकारी सेवाओं के लिए भर्तियां कराने के लिए जिम्मेदार है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य योजना बोर्ड के प्रमुख के पद के लिए आयोजित पीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं की क्राइम ब्रांच जांच कर रही है। बाद में इस जांच का दायरा बढ़ा दिया गया, जिसमें अन्य पीएससी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं को भी शामिल किया गया।
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सूत्रों ने बताया कि जब अर्लेकर राज्यपाल थे, तब युवा मोर्चा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने उनके पास शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद, उन्होंने पीएससी के आंतरिक सतर्कता विभाग (विजिलेंस विंग) से इन आरोपों पर रिपोर्ट मांगी। जानकारी के मुताबिक अर्लेकर ने आयोग के खिलाफ लगे आरोपों की पुलिस जांच रिपोर्ट का भी अध्ययन किया। उन्होंने बताया कि अपने तबादले से लगभग एक सप्ताह पहले, उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर पीएससी चेयरमैन को हटाने की सिफारिश के पीछे के कारणों का विवरण दिया। सूत्रों ने यह भी बताया कि उन्होंने इस मामले को सुप्रीम कोर्ट के संज्ञान में भी लाया है। तमिलनाडु में तबादला होने के बाद, 23 अक्तूबर को अर्लेकर केरलम के राज्यपाल के पद से मुक्त हो गए। बता दें कि पीएससी सदस्यों की नियुक्ति छह साल के कार्यकाल के लिए की जाती है।
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