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महंगाई: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से सोने-चांदी के सामने नई चुनौतियां, क्या फेड के फैसले से मिलेगी राहत?
Sun, 25 Oct 2026 07:26 PM IST
अमन मौर्या
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अमन मौर्या
Updated Sun, 25 Oct 2026 07:26 PM IST
सार
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच सोने और चांदी पर दबाव बना हुआ है। अब निवेशकों की नजरें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की 27-28 अक्तूबर की बैठक और उसके नीतिगत फैसलों पर टिकी हैं। इससे यह संकेत मिल सकता है कि क्या ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी या नहीं।
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सोने और चांदी की कीमतों पर नई चुनौती
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंताओं को फिर से हवा दे दी है। विश्लेषकों का कहना है कि अगले हफ्ते सोने और चांदी को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व का नीतिगत फैसला यह तय कर सकता है कि सोने-चांदी की कीमतें स्थिर होंगी या उनमें और गिरावट आएगी। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने से पहले ही दबाव झेल रही इन कीमती धातुओं की नजरें अब फेडरल रिजर्व की 27-28 अक्तूबर की बैठक और उसके चेयरमैन के बयानों पर टिकी हैं। इससे यह संकेत मिल सकता है कि क्या ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहेंगी या नहीं।
ये भी पढ़ें: अमित शाह: 'ड्रग कार्टेल के ताबूत में आखिरी कील ठोकेंगे', गृह मंत्री ने बताया क्यों खास है ऑपरेशन ट्राइडेंट
इसके अलावा, यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसलों पर भी नजर रहेगी। साथ ही, अमेरिका के 'ड्यूरेबल गुड्स' (टिकाऊ वस्तुओं) के ऑर्डर, उपभोक्ता विश्वास, 'पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर' (पीसीई) महंगाई और तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों पर भी सबकी निगाहें होंगी।
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विश्लेषकों का क्या कहना है?
विश्लेषकों ने कहा कि यूरोजोन में महंगाई के आंकड़े, अमेरिका के मध्यावधि चुनावों से जुड़े घटनाक्रम, रूस-यूक्रेन शांति वार्ता और पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष भी महत्वपूर्ण बने रहेंगे। एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट (वीपी) जतिन त्रिवेदी ने कहा कि निकट भविष्य के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। जब तक फेडरल रिजर्व की नीति को लेकर स्थिति साफ नहीं हो जाती, तब तक सोने पर दबाव बने रहने की संभावना है। आने वाला फैसला यह तय कर सकता है कि कीमतें मौजूदा स्तरों के आसपास स्थिर होंगी या उनमें और गिरावट आएगी।
सोने-चांदी में कितनी गिरावट दर्ज हुई?
घरेलू बाजारों में भी यह दबाव साफ दिखा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी के लिए सोने के भाव में पिछले हफ्ते 5,768 रुपये (लगभग चार प्रतिशत) की गिरावट आई और यह 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी में और भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। यह दो लाख रुपये के स्तर से नीचे फिसल गई; इसमें 15,087 रुपये (7.14 प्रतिशत) की कमी आई और यह 1.96 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
ये भी पढ़ें: पाकिस्तान में एलपीजी संकट: छह हजार दुकानों पर ताले, खाली सिलेंडर लेकर भटक रहे लोग; रिटेलर्स ने क्या आरोप लगाए?
त्रिवेदी ने कहा, 'इस हफ्ते सोने में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। एमसीएक्स पर इसमें तीन प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई और यह 1,42,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का दबाव सोने-चांदी पर लगातार बना हुआ है।' उन्होंने कहा कि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने से कीमती धातुओं में सुधार की कोशिशें कमजोर पड़ गई हैं, जिससे इनकी कीमतों पर और बिकवाली का दबाव बन सकता है।
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इसके अलावा, यूरोपीय सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ जापान के नीतिगत फैसलों पर भी नजर रहेगी। साथ ही, अमेरिका के 'ड्यूरेबल गुड्स' (टिकाऊ वस्तुओं) के ऑर्डर, उपभोक्ता विश्वास, 'पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर' (पीसीई) महंगाई और तीसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों पर भी सबकी निगाहें होंगी।
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विश्लेषकों का क्या कहना है?
विश्लेषकों ने कहा कि यूरोजोन में महंगाई के आंकड़े, अमेरिका के मध्यावधि चुनावों से जुड़े घटनाक्रम, रूस-यूक्रेन शांति वार्ता और पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष भी महत्वपूर्ण बने रहेंगे। एलकेपी सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च एनालिस्ट (वीपी) जतिन त्रिवेदी ने कहा कि निकट भविष्य के लिए सतर्क रहने की जरूरत है। जब तक फेडरल रिजर्व की नीति को लेकर स्थिति साफ नहीं हो जाती, तब तक सोने पर दबाव बने रहने की संभावना है। आने वाला फैसला यह तय कर सकता है कि कीमतें मौजूदा स्तरों के आसपास स्थिर होंगी या उनमें और गिरावट आएगी।
सोने-चांदी में कितनी गिरावट दर्ज हुई?
घरेलू बाजारों में भी यह दबाव साफ दिखा। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दिसंबर डिलीवरी के लिए सोने के भाव में पिछले हफ्ते 5,768 रुपये (लगभग चार प्रतिशत) की गिरावट आई और यह 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। चांदी में और भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। यह दो लाख रुपये के स्तर से नीचे फिसल गई; इसमें 15,087 रुपये (7.14 प्रतिशत) की कमी आई और यह 1.96 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
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त्रिवेदी ने कहा, 'इस हफ्ते सोने में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। एमसीएक्स पर इसमें तीन प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई और यह 1,42,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था। बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी का दबाव सोने-चांदी पर लगातार बना हुआ है।' उन्होंने कहा कि अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने से कीमती धातुओं में सुधार की कोशिशें कमजोर पड़ गई हैं, जिससे इनकी कीमतों पर और बिकवाली का दबाव बन सकता है।