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भारत 2007 में ही एंटी सैटेलाइट मिसाइल से लैस था, लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी: माधवन नायर

Wed, 27 Mar 2019 09:11 PM IST
तिवारी अभिषेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: तिवारी अभिषेक Updated Wed, 27 Mar 2019 09:11 PM IST
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Former ISRO chairman G Madhavan Nair says India had anti-satellite missile capability in 2007
इसरो के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर - फोटो : social media

भारत ने अंतरिक्ष में सुरक्षा के लिए एंटी सैटेलाइट मिसाइल तकनीक हासिल कर ली है। इससे पहले यह तकनीक सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन के पास थी। इस पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व अध्यक्ष जी. माधवन नायर ने बुधवार को कहा कि भारत के पास एंटी-सैटेलाइट मिसाइल क्षमता एक दशक पहले से थी, लेकिन उस वक्त इसे प्रदर्शित करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव था।

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उन्होंने कहा कि जब चीन ने 2007 में एक मिसाइल प्रक्षेपित कर एक पुराने मौसम उपग्रह को नष्ट कर दिया था, उस वक्त भारत के पास ऐसे ही मिशन को अंजाम देने की प्रौद्योगिकी थी।
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नायर ने पीटीआई से बातचीत के दौरान बताया,

...अब (प्रधानमंत्री नरेंद्र) मोदी ने पहल की है। उनमें राजनीतिक इच्छाशक्ति और यह कहने का साहस है कि हम ऐसा करेंगे। हमने अब यह पूरी दुनिया को दिखा दिया है।

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गौरतलब है कि नायर 2003 से 2009 तक इसरो एवं अंतरिक्ष आयोग के प्रमुख रहे और अंतरिक्ष विभाग के सचिव के तौर पर भी सेवाएं दी। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत 2007 में ही एंटी-सैटेलाइट मिसाइल क्षमता प्रदर्शित कर सकता था, इस पर नायर ने कहा, ‘निश्चित तौर पर। लेकिन आगे कदम बढ़ाने के राजनीतिक निर्णय के अभाव में ऐसा नहीं किया जा सका।’ उन्होंने कहा, ‘‘अब मोदीजी ने साहसिक रूप से यह निर्णय किया।’’ 



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क्या भारत 2007 में ही एंटी सैटेलाइट मिसाइल क्षमता का प्रदर्शन कर सकता था? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से, लेकिन उस समय इस कदम पर आगे बढ़ने के लिए राजनीतिक निर्णय का अभाव था जिस वजह से ऐसा नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि अब, प्रधानमंत्री मोदी ने साहसपूर्वक निर्णय लेकर यह कर दियाखा है। 

गौरतलब है कि इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि यह कदम किसी देश के खिलाफ नहीं है और हमारे वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में 300 किमी दूर पृथ्वी की निचली कक्षा ::एलईओ: में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया। यह लाइव सैटेलाइट एक पूर्व निर्धारित लक्ष्य था, जिसे एंटी सैटेलाइट मिसाइल द्वारा मार गिराया गया है। यह अभियान तीन मिनट में सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।’’ उन्होंने कहा कि अमेरिका, रूस और चीन के बाद ऐसी विशिष्ट क्षमता रखने वाला भारत चौथा देश है।

जानिए क्या हैं एसैट मिसाइल

एसैट मिसाइल जमीन से अंतरिक्ष में भेजी जाती है और अंतरिक्ष या जमीन पर मौजूद लक्ष्य भेद सकती है। इन्हें बैलेस्टिक मिसाइलों से आगे बढ़कर विकसित किया गया है। बैलेस्टिक मिसाइल यानी ऐसी मिसाइल जो आसमान में भेजी जाती हैं और फिर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण बल से इसे लक्ष्य पर गिराया जाता है। सॉफ्टवेयर इसे लक्ष्य की ओर गाइड करते हैं। इसके विकास को शीत युद्ध के समय तेजी मिली क्योंकि सोवियत रूस को अपने देश की जासूसी कर रहे अमेरिकी उपग्रहों को रोकना था।

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