{"_id":"5ace293a4f1c1b193d8b4859","slug":"former-home-secretary-says-home-ministry-employees-see-porn-website","type":"story","status":"publish","title_hn":"पूर्व गृह सचिव बोले- गृह मंत्रालय के कर्मचारी देखते हैं पोर्न, इंटरनेट खोलते ही हो जाते हैं शुरू ","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
पूर्व गृह सचिव बोले- गृह मंत्रालय के कर्मचारी देखते हैं पोर्न, इंटरनेट खोलते ही हो जाते हैं शुरू
एजेंसी, मुंबई
Updated Wed, 11 Apr 2018 08:56 PM IST
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केंद्रीय गृहमंत्रालय का के अधीनस्थ कर्मचारियों में से कुछ कार्यालय में इंटरनेट पर पोर्न (अश्लील) सामग्री देखते हैं और उसे डाउनलोड भी करते हैं। ये दावा करते हुए बुधवार को पूर्व केंद्रीय गृह सचिव जीके पिल्लै ने कहा कि इसके चलते कंप्यूटर नेटवर्क की सुरक्षा में सेंध लगती है।
पिल्लै फिलहाल नैसकॉम की तरफ से चलाए जा रहे गैर लाभकारी संगठन डाटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (डीएससीआई) के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा, करीब 8-9 साल पहले जब मैं केंद्रीय गृह सचिव था तो हर 60वें दिन हम सभी कंप्यूटरों को असुरक्षित पाते थे।
उन्होंने यहां एक सभा में इस पर आगे विस्तार से बोलते हुए कहा कि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी देर शाम तक बैठकों में व्यस्त रहते थे। इसके चलते उनके अधीनस्थ स्टाफ को बैठक के बाद का काम निपटाने के लिए कार्यालय में बैठना पड़ता था। उन्होंने कहा, ऐसे में वे क्या करेंगे? वे इंटरनेट खोलते हैं और पोर्न वेबसाइट देखते हैं। हर तरह का डाटा डाउनलोड करते हैं, जो सभी तरह के मेलवेयर (वायरस) के साथ आता है। पिल्लै का ये बयान सरकारी वेबसाइटों के कथित तौर पर हैक हो जाने के कुछ दिन बाद आया है, जिसे बाद में सरकार ने हैक नहीं मानते हुए हार्डवेयर फेल होने का परिणाम बताया था।
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उन्होंने कहा कि डीएससीआई ने कंपनी बोर्ड के लिए साइबर सिक्योरिटी रिव्यू और उसकी तैयारी को वार्षिक रिपोर्ट में पेश करना अनिवार्य करने की सिफारिश की थी, लेकिन ये कंपनी मामलों के मंत्रालय, सेबी और आरबीआई आदि के बैठे होने की वजह से लागू नहीं हो पाई।
दो साल पहले कैंब्रिज एनालिटिका से क्यों नहीं पूछा
फेसबुक के साथ मिलकर कैंब्रिज एनालिटिकिा कंपनी के आम जन का डाटा लीक करने पर भी पिल्लै ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने याद करते हुए बताया कि दो साल पहले नई दिल्ली में इस ब्रिटिश कंपनी ने एक कांफ्रेंस में प्रेजेंटेशन देकर ऐसी ही सेवा ऑफर की थी। उन्होंने कहा कि तब किसी ने कंपनी से सवाल नहीं किया और ये आदमियों को रिश्वत देने के बारे में बोलने वाले कंपनी प्रबंधन का मात्र अहंकार ही था, जो वे आज निशाने पर आए हैं।
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पिल्लै फिलहाल नैसकॉम की तरफ से चलाए जा रहे गैर लाभकारी संगठन डाटा सिक्योरिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (डीएससीआई) के अध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा, करीब 8-9 साल पहले जब मैं केंद्रीय गृह सचिव था तो हर 60वें दिन हम सभी कंप्यूटरों को असुरक्षित पाते थे।
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उन्होंने यहां एक सभा में इस पर आगे विस्तार से बोलते हुए कहा कि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी देर शाम तक बैठकों में व्यस्त रहते थे। इसके चलते उनके अधीनस्थ स्टाफ को बैठक के बाद का काम निपटाने के लिए कार्यालय में बैठना पड़ता था। उन्होंने कहा, ऐसे में वे क्या करेंगे? वे इंटरनेट खोलते हैं और पोर्न वेबसाइट देखते हैं। हर तरह का डाटा डाउनलोड करते हैं, जो सभी तरह के मेलवेयर (वायरस) के साथ आता है। पिल्लै का ये बयान सरकारी वेबसाइटों के कथित तौर पर हैक हो जाने के कुछ दिन बाद आया है, जिसे बाद में सरकार ने हैक नहीं मानते हुए हार्डवेयर फेल होने का परिणाम बताया था।
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उन्होंने कहा कि डीएससीआई ने कंपनी बोर्ड के लिए साइबर सिक्योरिटी रिव्यू और उसकी तैयारी को वार्षिक रिपोर्ट में पेश करना अनिवार्य करने की सिफारिश की थी, लेकिन ये कंपनी मामलों के मंत्रालय, सेबी और आरबीआई आदि के बैठे होने की वजह से लागू नहीं हो पाई।
दो साल पहले कैंब्रिज एनालिटिका से क्यों नहीं पूछा
फेसबुक के साथ मिलकर कैंब्रिज एनालिटिकिा कंपनी के आम जन का डाटा लीक करने पर भी पिल्लै ने तीखी टिप्पणी की। उन्होंने याद करते हुए बताया कि दो साल पहले नई दिल्ली में इस ब्रिटिश कंपनी ने एक कांफ्रेंस में प्रेजेंटेशन देकर ऐसी ही सेवा ऑफर की थी। उन्होंने कहा कि तब किसी ने कंपनी से सवाल नहीं किया और ये आदमियों को रिश्वत देने के बारे में बोलने वाले कंपनी प्रबंधन का मात्र अहंकार ही था, जो वे आज निशाने पर आए हैं।