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गुजरात: शंकरसिंह वाघेला ने कहा- कांग्रेस नेतृत्व को खल रही अहमद पटेल की सलाह की कमी

Thu, 17 Mar 2022 11:39 PM IST
Jeet Kumar पीटीआई, गांधीनगर
पीटीआई, गांधीनगर Published by: Jeet Kumar Updated Thu, 17 Mar 2022 11:39 PM IST
सार

गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला ने उत्तर प्रदेश चुनाव की जिम्मेदारी प्रियंका गांधी वाड्रा को देने के कांग्रेस के फैसले को मिसफायर करार दिया।

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Former Gujarat cm Shankersinh Vaghela said congress leadership is missing Ahmed Patel advice
गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला - फोटो : twitter

विस्तार

हर चुनाव के साथ कांग्रेस लगातार असफलताओं का मुंह देख रही है। इसको लेकर कांग्रेस अपने बड़े नेताओं के साथ बैठकें भी करती रहती है ताकि कोई जीत का मंत्र मिल सके। कांग्रेस की एक मीटिंग में शामिल हुए गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला ने गुरुवार को कांग्रेस के दशकों तक रणनीतिकार रहे अहमद पटेल को याद किया।

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उन्होंने कहा कि अहमद पटेल के निधन के बाद कांग्रेस में ऐसा कोई नेता नहीं है जो पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का मार्गदर्शन कर सके और इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ रहा है। वाघेला एक दिन पहले दिल्ली में हुई जी-23 नेताओं की बैठक में शामिल हुए थे। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला 2017 में कांग्रेस पार्टी को छोड़ दिया था, वह खुद अब किसी राजनीतिक दल से नहीं जुड़े हैं।
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यूपी चुनाव में कांग्रेस का फैसला मिसफायर
अपने आवास पर पत्रकारों से बात करते हुए वाघेला ने उत्तर प्रदेश चुनाव की जिम्मेदारी प्रियंका गांधी वाड्रा को देने के कांग्रेस के फैसले को मिसफायर करार दिया। उन्होंने कहा कि चुनावों में कांग्रेस के हालिया प्रदर्शन से पता चलता है कि पार्टी को अहमद पटेल की कमी खल रही है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के सलाहकार पटेल का 2020 में निधन हो गया था।
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पार्टी में कोई नहीं सुनता है
शंकर सिंह वाघेला ने कहा कि प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश में का नेतृत्व करने के लिए कहना एक मिसफायर था। अब उनके करियर पर एक धब्बा है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उनके पास कोई उचित सलाहकार नहीं था। साथ ही उन्होंने कहा कि जी -23 चाहता है कि नेतृत्व उनकी बात सुने। यह समूह है पार्टी के खिलाफ बगावत नहीं कर रहा हैं। उनकी एकमात्र समस्या यह है कि उनकी कोई नहीं सुनता है।


राजनीति एक पूर्णकालिक नौकरी है, यह अंशकालिक नौकरी नहीं है
पंजाब में पार्टी की हार पर भी वाघेला ने पार्टी पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि एक राजनीतिक नौसिखिए को भी पता होगा कि एक मौजूदा मुख्यमंत्री को चुनाव से कुछ महीने पहले नहीं हटाया जाना चाहिए। समस्या नेतृत्व के साथ है। राजनीति एक पूर्णकालिक नौकरी है। यह अंशकालिक नौकरी नहीं है। राहुल गांधी के सलाहकार को उन्हें यह बताना चाहिए था।

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