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Natwar Singh: 31 साल तक नौकरशाह रहे पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह नहीं रहे, सियासत में भी आजमाई किस्मत; जानिए

Sun, 11 Aug 2024 03:01 AM IST
विशांत श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विशांत श्रीवास्तव Updated Sun, 11 Aug 2024 03:01 AM IST
सार

Natwar Singh: पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का 93 साल की उम्र में निधन हो गया। लंबी बीमारी से जूझने के बाद नटवर ने 10-11 जून की दरम्यानी रात अंतिम सांस ली। सार्वजनिक जीवन में उल्लेखनीय योगदान के लिए 1984 में उन्हें देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान- पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। जानिए कैसा रहा सियासी सफर…

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Former External Affairs Minister Natwar singh life as Politician and bureaucrat News In Hindi
पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का निधन हो गया - फोटो : ANI

विस्तार

भारत के पूर्व विदेश मंत्री का लंबी बीमारी के बाद 93 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक वह दो हफ्ते से अस्पताल में भर्ती थे। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की सरकार में विदेश मंत्री बनने से पहले नटवर का बतौर नौकरशाह भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) में 31 वर्ष का कार्यकाल रहा। उन्होंने 1953 में भारतीय विदेश सेवा अधिकारी के रूप में सेवाएं देनी शुरू कीं और अमेरिका, चीन (पेइकिंग) और संयुक्त राष्ट्र समेत कई अहम जगहों पर पदस्थापित रहे। एक नजर उनके करियर के प्रमुख पड़ावों पर-

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  • 1956-58 तक पेइकिंग में रहे।
  • 1961-66 तक न्यूयॉर्क में भारत के स्थायी मिशन में पदभार संभाला।
  • 1962-66 के बीच यूनिसेफ के कार्यकारी बोर्ड में भारत के प्रतिनिधि के रूप में सेवाएं दीं।
  • चार दशक से भी अधिक पहले जमैका के किंग्स्टन में 1975 में आयोजित राष्ट्रमंडल प्रमुखों की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई की।
प्रतिवेदक यानी रैपोर्टर के रूप में संयुक्त राष्ट्र और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यालय में भी सेवाएं दीं। 
  • (i) संयुक्त राष्ट्र की कमेटी ऑफ 24 (United Nations Committee of 24) में 1963-66 तक सेवाएं दीं। 
  • (ii) 1965 में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की चौथी समिति (Fourth Committee) के सदस्य रहे।
  • 1966-71 तक इंदिरा गांधी के साथ काम किया। प्रधानमंत्री सचिवालय में पदस्थापना।
  • मार्च 1982 से नवंबर 1984 तक विदेश मंत्रालय में सचिव के रूप में काम किया।

व्यक्तिगत जीवन
नटवर सिंह का जन्म सन 1931 में राजस्थान के भरतपुर जिले में हुआ था। पिता का नाम गोविंद सिंह और माता का नाम प्रयाग कौर था। वह अपने माता-पिता के चौथे बेटे थे। अगस्त 1967 में उनका विवाह हेमिंदर कौर से हुआ। हेमिंदर पटियाला के अंतिम महाराजा यादविंद्र सिंह की सबसे बड़ी बेटी थीं। हेमिंदर की मां मोहिंदर कौर भी सार्वजनिक जीवन में सक्रिय थीं।

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शुरुआती शिक्षा
नटवर सिंह ने मेयो कॉलेज, अजमेर और सिंधिया स्कूल, ग्वालियर में शिक्षा प्राप्त की, जो भारतीय राजघरानों और कुलीनों के लिए पारंपरिक शैक्षणिक संस्थान थे। इसके बाद उन्होंने सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली से स्नातक की डिग्री ली। फिर कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के कॉर्पस क्रिस्टी कॉलेज में अध्ययन किया और चीन के पेइकिंग विश्वविद्यालय में कुछ समय के लिए विजिटिंग स्कॉलर भी रहे।

राजदूत के रूप में शुरू किया था कार्यकाल
नटवर सिंह ने पाकिस्तान में भारत के राजदूत के रूप में भी काम किया। फिर वह 1966 से 1971 तक प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यालय से जुड़े रहे थे। बाद में चुनाव लड़ने के लिए 1984 में नौकरी से इस्तीफा दे दिया। चुनाव में जीत दर्ज की और 1989 तक केंद्रीय राज्यमंत्री के पद पर रहे है। बाद में मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए-1 सरकार के दौरान 2004 से 2005 तक  भारत के विदेश मंत्री भी रहे। नटवर सिंह ने कई किताबें भी लिखीं।

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